Success Story: हर साल लाखों युवा यूपीएससी की परीक्षा में बैठते हैं लेकिन सिर्फ मुट्ठीभर ही इसे पास कर सफलता हासिल कर पाते हैं। आज हम आपको बिहार की ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी जिंदगी की शुरआत बहुत मुश्किलों में हुई।
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा को पास करने के लिए तीन चरणों से गुजरना होता है। इसमें प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू होता है। तीनों चरण में सफल होने वाले उम्मीदवार ही आगे चलकर सरकारी अधिकारी बनते हैं।

पूरे गांव वाले उसकी पढ़ाई के खिलाफ थे। उनके माता-पिता ने मेहनत की ताकि प्रिया को पढ़ा सके। प्रिया रानी एक IAS अधिकारी है और सोशल मीडिया पर काफी मशूह है। उनकी स्टोरी लाखों युवाओं को मोटिवेट करने वाली है।Success Story
प्रिया रानी फुलवारी शरीफ के कुड़कुरी गांव की रहने वाली है उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 69वीं रैंक हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया। प्रिया रानी को पढ़ाई के लिए बहुत विरोध झेलना पड़ा लेकिन उनके दादा ने उनका पूरा साथ दिया और उनकी पढ़ाई में मदद की। अपनी जिद्द और लगन के कारण प्रिया आज IAS अफसर बन गई।
BIT मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद प्रिया ने UPSC की तैयारी शुरु कर दी। दूसरे प्रयास में उन्हें इंडियन डिफेंस सर्विस में नौकरी मिल गई लेकिन IAS बनने का उनका सपना अधूरा रह गया। तीसरे प्रयास में भी असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार चौथे प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर IAS बन गई।Success Story
प्रिया रानी का कहना है कि उनकी सफलता का राज नियमति पढ़ाई और मेहनत है। वो रोजाना सुबह 4 बजे उठकर पढ़ती थी। उन्होंने इकोनॉमिक्स को मेन सबजेक्ट बनाया और एनसीआरटी की किताबों और अखबारों पर ध्यान दिया।। उनका मानना है कि शिक्षा ही जिंदगी की सबसे बड़ी संपत्ति है। वो युवाओं को टारगेट के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी है।

जो लोग उनकी पढ़ाई का विरोध करते थे आज वे उनकी कामयाबी पर गर्व महसूस करते हैं। प्रिया ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
पटना में अपना कोई घर नहीं था तो किराये के मकान में रहने लगे. इसके बाद जगदेव पथ में अपना मकान भी बना. तब डॉन बॉस्को स्कूल से प्राथमिक शिक्षा तथा संत माइकल से 12वीं पढ़ाई की. इसके बाद 2018 में बीआईटी मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चौथा प्रयास में 69वीं रैंक प्राप्त हुआ











