शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Success Story: बकरियां चराने से UPSC तक का सफर: बिरुदेव ढोणे ने पहले प्रयास में रच दिया कमाल, मिली 551वीं रैंक

Written by: सुनील चौहान

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Success Story: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तहसील के यमगे गांव में जन्मे बिरुदेव सिद्धाप्पा ढोणे ने यह साबित कर दिया है कि सपने कितने भी बड़े क्यों न हों, मजबूत…


Success Story: बकरियां चराने से UPSC तक का सफर: बिरुदेव ढोणे ने पहले प्रयास में रच दिया कमाल, मिली 551वीं रैंक
Success Story: बकरियां चराने से UPSC तक का सफर: बिरुदेव ढोणे ने पहले प्रयास में रच दिया कमाल, मिली 551वीं रैंक
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Success Story: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तहसील के यमगे गांव में जन्मे बिरुदेव सिद्धाप्पा ढोणे ने यह साबित कर दिया है कि सपने कितने भी बड़े क्यों न हों, मजबूत इच्छा शक्ति और निरंतर मेहनत उन्हें सच कर सकती है। एक गरीब धनगढ़ परिवार में पले-बढ़े बिरुदेव ने 2024 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर 551वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा भी है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

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बिरुदेव का शुरुआती जीवन गरीबी और संघर्ष से भरा रहा। बचपन में वे खंभे पर कंबल टांगकर, सिर पर गांधी टोपी और पैरों में भारी धनगढ़ी चप्पलें पहनकर बकरियां चराते थे। उनके पिता सिद्धाप्पा ढोणे बकरियां चराकर परिवार की आजीविका चलाते थे, जबकि उनकी मां अनपढ़ थीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद माता-पिता ने बेटे के मन में पढ़ाई और आगे बढ़ने की उम्मीद को हमेशा मजबूत किया। उनका जीवन मोड़ तब आया जब एक दिन मोबाइल फोन खोने की शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्हें ठीक तरह से मदद नहीं मिली। इस अनुभव ने उनके भीतर Police Seva में जाने की इच्छा को और मजबूत कर दिया।

Delhi  जाकर तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था। सीमित साधनों में रहकर उन्होंने बेहद अनुशासन के साथ पढ़ाई जारी रखी। जहां कई अभ्यर्थी सुविधाजनक माहौल में तैयारी करते हैं, वहीं बिरुदेव ने मुश्किल हालात में रोजाना करीब 22 घंटे की पढ़ाई का लक्ष्य बनाए रखा। उनके पिता खेत में मेहनत कर हर महीने 10 से 12 हजार रुपये भेजते थे, जिससे उनका खर्च चलता था। कठिनाई के बावजूद हार न मानने वाले बिरुदेव ने न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि अपने सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।Success Story

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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