
Haryana News: दिल्ली जयपुर हाईवे स्थित एग्रो कृषि फार्म (NH 48 News)पर कृषि विषय की पढाई कर रहे विद्यार्थियों को जैविक खेती के प्रति जागरूक किया। यशपाल खोला ने बताया कि कैसे केच्चुएं मल्चिंग में दिन रात आप के लिए काम करते हैं ओर जमीन के कार्बनिक मैटर को बढाने व पोधे को पोषक तत्व देने मे सहायक होतें हैं।Haryana News
फसल अवशेष मल्चिंग के साथ साथ, धीरे धीरे जैविक खाद में भी तब्दील होता हुआ जमीन में जीवाणुओं को भोजन देने का काम करता है। इतना ही नहीं जमीन मे वासपा, (हूम्मस) बनाने का काम करता है। खरपतवार को भी कम आने देता है। पानी की बचत करता है।
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कम सिंचाई में फसल तैयार हो जाती हैं बच्चों को सर्दियों की सब्जियों के फसल अवशेष, फसल खत्म होने पर बेड पर मिट्टी का स्टेक्चर, स्वदेशी केंचुआ, अंडे, उनकी कार्य शैली, खेती मे महत्व, लाइफ साइकिल और खेत में इनकी संख्या में बढ़ोतरी किस प्रकार से की जाए और इनको नियंत्रण कैसे बढ़ाया जाए आदि जानकारी साझा की।
टपका सिंचाई के बारे में, गायों की नस्ल व गुणवत्ता व देशी गाय के गोबर में जीवाणुओं की संख्या व अमेरिकन गायों के गोबर में जीवाणुओं की संख्या के बारे में जागरूक किया।
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