बुधवार, 4 नवम्बर 2026

Haryana : हरियाणा की सड़कों पर नहीं दिखेंगे आवारा पशु, सैनी सरकार का बड़ा फैसला

Written by: Best24News

Published:

Haryana: हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि…


Haryana news 2025 05 21T200508.752
Haryana news 2025 05 21T200508.752
Google News Follow us on Google

Haryana: हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में अब कठोर कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

खुले में छोड़े पशु पर अब लगेगा भारी जुर्माना

अब यदि कोई डेयरी संचालक या पशु मालिक अपने पशु को सड़क पर खुला छोड़ता है, तो उस पर पहली बार 5,000 रुपए, दूसरी बार 11,000 रुपए और तीसरी बार 21,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इससे पहले यह जुर्माना मात्र 500 रुपए था. यह निर्णय सीएम की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया.

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

निगम आयुक्तों को भेजे गए पत्र
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों को जमीन पर उतारने के लिए नगर निगम आयुक्तों को पत्र भेजा गया है. उन्हें कहा गया है कि इन आदेशों को सख्ती से लागू किया जाए. ताकि सड़क हादसे, ट्रैफिक जाम और जनहानि जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.

पूरे प्रदेश में लागू होगी GPS टैगिंग प्रणाली

ये भी पढ़ें:राजस्थान से हरियाणा में अफीम लेकर आ रहे तस्कर चढ़े हत्थे ?

सीएम नायब सैनी ने आदेश दिए हैं कि प्रदेशभर में लावारिस पशुओं की पहचान और निगरानी के लिए GPS आधारित टैगिंग प्रणाली विकसित की जाए. इस तकनीक के जरिए डेयरी संचालकों पर नजर रखी जा सकेगी. ताकि बार-बार पशुओं को खुला छोड़ने की प्रवृत्ति रोकी जा सके.

SOP तैयार करने के निर्देश
शहरी स्थानीय निकाय विभाग को आदेश दिए गए हैं कि वह एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे. इस SOP में निम्न बिंदु शामिल होंगे:

लावारिस पशुओं की पहचान और टैगिंग
पशुओं के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त जगहों की पहचान
स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान देखभाल की व्यवस्था
गौशाला मालिकों की जिम्मेदारी तय करना
समयबद्ध तरीके से स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करना
पंचायत भूमि पर बनेगी नंदीशाला और गौशाला
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों को निर्देशित किया कि गांव और पंचायत की खाली भूमि को चिन्हित किया जाए. जहां नंदीशाला, गौशाला और गौ अभियान से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा सकें. यह कदम लंबे समय में लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है.

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी: नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में पीयूष का चयन

नए गौ संरक्षण अभियान की शुरुआत
गौ संरक्षण अभियान के तहत, अब जो पशु नए गौशालाओं या नंदीशालाओं में ट्रांसफर किए जाएंगे, उन्हें GPS टैगिंग सिस्टम से ट्रैक किया जाएगा. इससे पशुओं की सही स्थिति की निगरानी आसान होगी और जो लोग बार-बार पशुओं को सड़कों पर छोड़ते हैं, उन पर कार्रवाई की जा सकेगी.

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp