धारूहेड़ा। गांव मालाहेड़ा में सोमवार रात शामलात जमीन से मिट्टी उठाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सरपंच महेश कुमार मौके पर पहुंचे और मिट्टी उठाए जाने का वीडियो बनाया। सरपंच के पहुंचते ही जेसीबी और ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गए।
सरपंच महेश कुमार ने बताया कि रात को गांव के चौकीदार ने सूचना दी थी कि शामलात जमीन से मिट्टी उठाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे तो वहां जेसीबी से मिट्टी उठाई जा रही थी। उनके पहुंचते ही जेसीबी और ट्रैक्टर चालक वहां से चले गए पंचायत की ओर से मामले में कार्रवाई के लिए ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके बाद शामलात जमीन से मिट्टी उठाने की शिकायत बीडीपीओ धारूहेड़ा और खनन विभाग को भेजी गई है। पंचायत ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा में बिना अनुमति सरकारी/पंचायती जमीन से मिट्टी उठाना, परिस्थितियों के अनुसार, अवैध या अनधिकृत खनन की श्रेणी में है। खासकर अगर मिट्टी जेसीबी/ट्रैक्टर से निकालकर ले जाई जा रही है और उसके लिए आवश्यक खनन अनुमति नहीं ली गई है।
हरियाणा के Minor Mineral Concession, Stocking, Transportation of Minerals and Prevention of Illegal Mining Rules, 2012 के नियम 31 के अनुसार साधारण मिट्टी (ordinary earth) उठाने के लिए निर्धारित परिस्थितियों में अनुमति जरूरी है। यदि जमीन ग्राम पंचायत की है, तो मिट्टी निकालने के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव और संबंधित उपायुक्त की मंजूरी का प्रावधान है।
जुर्माना कितना हो सकता है?
नियम 104 में अवैध/अनधिकृत खनन के लिए कार्रवाई का प्रावधान है। जानिए मिट्टी उठाने को लेकर जुमाने को क्या प्रावधान है।
- पहली बार: मिट्टी जब्त की जा सकती है और जेसीबी, ट्रैक्टर आदि उपकरण/वाहन भी कब्जे में लिए जा सकते हैं। मिट्टी की कीमत और लागू रॉयल्टी के साथ कम से कम ₹10,000 जुर्माना लगाया जा सकता है।
- दूसरी बार: वाहन/उपकरण कम से कम 7 दिन के लिए जब्त रह सकते हैं और मिट्टी की कीमत, रॉयल्टी के अलावा कम से कम ₹15,000 जुर्माना हो सकता है।
- तीसरी बार या उसके बाद: FIR की कार्रवाई और वाहन/उपकरण की जब्ती/कब्जे के साथ MMDR Act की धारा 21 के तहत दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।












