गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

RTE Haryana: प्राइवेट स्कूलों में 49,237 सीटें खाली, जानिए कब तक खुलेगा Admission पोर्टल

Written by: सुनील चौहान

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RTE Haryana:  प्राइवेट स्कूल संघ ने शिक्षा विभाग से फिर से आवेदन पोर्टल खोलने की मांग की है, ताकि शेष सीटों पर ज्यादा से ज्यादा इच्छुक गरीब बच्चों का दाखिला हो सके।…


RTE Haryana:  प्राइवेट स्कूल संघ ने शिक्षा विभाग से फिर से आवेदन पोर्टल खोलने की मांग की है, ताकि शेष सीटों पर ज्यादा से ज्यादा इच्छुक गरीब बच्चों का दाखिला हो सके। क्योंकि बच्चो की छुट्टियां होने के कारण अभिभावकों को सूचना नहीं मिली। ऐसे में सीटे खाली रह गई हैं

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संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि सीटें खाली रहने की वजह अभिभावकों को आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिलना है, इसलिए आवेदन प्रक्रिया के लिए दोबारा से पोर्टल खोला जाए। RTE Haryana

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जानिए कितनी सीटे है खाली: प्रदेशभर में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत 7754 निजी स्कूलों ने 61,040 सीटें दिखाई हैं, जिनमें 14,127 आवेदन आए। 11,803 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए गए हैं।

  • नर्सरी : 6,568
  • एलकेजी : 1,200
  • यूकेजी : 1,207
    कक्षा : 2,828

2,324 विद्यार्थियों का उनको मनचाहा स्कूल नहीं मिलने से दाखिला नहीं हो पाया है। 49,237 सीटें अभी खाली रह गईं हैं।

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बता दें कि जून के आखिरी सप्ताह में ही आरटीई के तहत दाखिले के लिए आवेदन पोर्टल का काम पूरा कर दिया गया। इस दौरान बच्चों की छुट्टियां होने के कारण अभिभावकों को सूचना नहीं मिली।RTE Haryana

निजी स्कूल और शिक्षा विभाग की तरफ से भी आवेदन प्रक्रिया के पोर्टल खुलने का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। अभी एक जुलाई से 11 जुलाई तक आरटीई के तहत स्कूल आवंटित विद्यार्थियों के दाखिले होने हैं।RTE Haryana

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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