रेवाड़ी जिले में युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से पुलिस का जागरूकता अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। इसी कड़ी में नशा मुक्ति टीम ने शहर के एक स्कूल में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति की सेहत ही नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर डालता है।
विद्यार्थियों को समझाया- सही फैसले ही बनाते हैं बेहतर भविष्य
जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, शिक्षा और सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत होती है। किसी भी प्रकार के नशे से दूरी बनाकर ही युवा अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। छात्रों को यह भी प्रेरित किया गया कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में हो तो उसे सही मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करें।
संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना
अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो बिना डर के तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, जिससे आम नागरिक बेझिझक सहयोग कर सकें।
सीसीटीवी लगाने और सतर्क रहने की भी अपील
रेवाड़ी पुलिस ने बाजारों, दुकानों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी सलाह दी। अधिकारियों के अनुसार आधुनिक निगरानी व्यवस्था अपराधों की रोकथाम में काफी मददगार साबित होती है और किसी भी घटना की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराती है।
युवाओं से किया अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से “जिंदगी को हां, नशे को ना” का संदेश अपनाने की अपील की। साथ ही कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी से ही संभव है।
रेवाड़ी पुलिस का संदेश
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई एक सामाजिक जिम्मेदारी है। यदि हर नागरिक सतर्क रहे, समय पर सूचना दे और युवाओं को सही दिशा दिखाए, तो रेवाड़ी को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।













