Rewari News: रेवाड़ी नगर परिषद एक बार फिर विवादों के कारण चर्चा में है। इस बार मामला HKRNL के एक क्लर्क की बर्खास्तगी से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी के सेवा से हटाए जाने के बाद जो आरोप सामने आए हैं, उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कर्मचारी का दावा है कि लंबे समय से उसे मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था और कई स्तरों पर परेशान किया गया।
बर्खास्तगी के बाद शिकायत लेकर पहुंचा प्रशासन के दरवाजे
सेवा समाप्त होने के बाद कर्मचारी ने जिला प्रशासन को शिकायत भेजकर पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यस्थल का माहौल उसके लिए लगातार तनावपूर्ण बनाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से प्रभावित हुआ। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वीडियो के जरिए रखी अपनी बात
कर्मचारी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का कहना है कि उसे गाली दिया गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि मैं एक बार सुसाइड करने की भी कोशिश की। वीडियो में उसने दावा किया कि उसे बार-बार निशाना बनाया गया और उसकी बातों को अनदेखा किया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
पहले भी विवादों में रह चुका है नगर परिषद
रेवाड़ी नगर परिषद पिछले कुछ महीनों से विभिन्न प्रशासनिक विवादों के कारण सुर्खियों में रही है। विभागीय कार्रवाई, कर्मचारियों के निलंबन और अधिकारियों के बीच मतभेद जैसे मुद्दे पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में यह नया मामला पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ले आया है।
प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह विभागीय रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली के आधार पर की गई है। अधिकारियों का दावा है कि उसे सुधार का अवसर दिया गया था, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर नियमानुसार निर्णय लिया गया।
अब सभी की नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर (Rewari News)
शिकायत सामने आने के बाद अब यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पूरा सच क्या है। यदि प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच करता है तो आने वाले दिनों में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल रेवाड़ी नगर परिषद का यह विवाद शहरभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।













