Bhiwadi Crime News: ऑनलाइन खरीदारी और सेकेंड हैंड सामान के बढ़ते कारोबार के बीच साइबर ठग भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। भिवाड़ी में पुलिस ने ऐसे ही एक युवक को पकड़ा है, जो खुद को सेना का जवान बताकर लोगों का भरोसा जीतता था और फिर उन्हें ऑनलाइन ठगी का शिकार बना देता था।
सस्ती डील का लालच, फिर शुरू होता था खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्कूटी, हेलमेट समेत अन्य सामान बेचने के विज्ञापन डालता था। कीमत बाजार से कम रखी जाती थी, जिससे लोग जल्दी संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वह खुद को फौजी बताकर सामने वाले का विश्वास जीत लेता था।
भिवाड़ी में कार्रवाई, मोबाइल से मिले कई सुराग
साइबर अपराधों पर नजर रख रही पुलिस टीम को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया गया। उसके पास से मिले मोबाइल फोन की जांच में कई ऐसे डिजिटल सबूत मिले, जिन्होंने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
पुलिस को अलग-अलग नामों से संचालित सोशल मीडिया और मैसेजिंग अकाउंट मिले। इन प्रोफाइलों पर सेना की वर्दी पहने लोगों की तस्वीरें लगाई गई थीं, ताकि खरीदारों को शक न हो और वे आसानी से भुगतान कर दें।
देश के दूसरे राज्यों तक पहुंचा मामला
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं था। ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल कर वह दूसरे राज्यों के लोगों से भी संपर्क करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
भिवाड़ी के लोगों के लिए बड़ा सबक (Bhiwadi Crime News)
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर प्रोफाइल असली नहीं होती। फौजी, पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह अक्सर भरोसे का फायदा उठाते हैं। ऐसे में किसी भी ऑनलाइन सौदे से पहले पहचान और भुगतान संबंधी जानकारी की पूरी जांच जरूरी है।
भिवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।













