रेवाड़ी जिले के कोसली-महेंद्रगढ़ मार्ग पर सफर करने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन की कमी लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। सुबह के सीमित समय तक कुछ रोडवेज बसें मिलने के बाद दिनभर यात्रियों को नियमित सरकारी बस सेवा नहीं मिल पाती। ऐसे में सैकड़ों लोगों को निजी वाहनों के भरोसे सफर पूरा करना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसा दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं।
सुबह राहत, फिर पूरे दिन इंतजार
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि सुबह कार्यालय और शिक्षण संस्थानों के समय तक किसी तरह बस मिल जाती है, लेकिन इसके बाद हालात पूरी तरह बदल जाते हैं। कई बार लोगों को लंबे समय तक बस स्टैंड और सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में निजी बस, ऑटो या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे यात्रा असुविधाजनक हो जाती है।
रोजाना सफर करने वालों पर बढ़ रहा खर्च
नियमित रोडवेज सेवा नहीं मिलने से नौकरीपेशा कर्मचारियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों का मासिक खर्च बढ़ गया है। निजी वाहन संचालकों पर निर्भरता बढ़ने से कई यात्रियों को सामान्य से अधिक किराया भी देना पड़ रहा है। इससे रोजाना यात्रा करने वालों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।इस रूट पर बसों की कमी का सबसे अधिक असर महिलाओं, छात्र-छात्राओं और बुजुर्ग यात्रियों पर देखने को मिल रहा है। लंबे इंतजार के कारण कई बार उन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
बढ़ती मांग के मुकाबले नहीं बढ़ीं बसें
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोसली-महेंद्रगढ़ मार्ग पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन रोडवेज बसों के फेरों में लंबे समय से कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। लोगों का मानना है कि यदि नियमित अंतराल पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएं तो इस मार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो सकती है।क्षेत्रवासियों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि इस मार्ग पर पूरे दिन निर्धारित समय के अनुसार रोडवेज बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, यात्रियों का समय बचेगा और हजारों लोगों को रोजाना राहत मिलेगी।













