Rewari News: रेवाड़ी जिले के गांव छुरियावास में बिजली और पानी की लगातार बनी हुई समस्या को लेकर लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने रेवाड़ी-बावल रोड पर प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर पहुंचीं और अवरोधक लगाकर मानव श्रृंखला बना ली। प्रदर्शन के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
एक महीने से मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने से गांव में न तो बिजली की नियमित आपूर्ति हो रही है और न ही पर्याप्त पानी मिल रहा है।
कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के कामकाज से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक सभी को परेशानी उठानी पड़ रही है।
महिलाओं ने सुनाई अपनी परेशानी (Rewari News)
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिना बिजली और पानी के जीवन बेहद कठिन हो गया है। घरों में पानी की कमी के कारण दैनिक काम प्रभावित हो रहे हैं, जबकि पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
किसानों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे खेतों में खड़ी फसल पर भी असर पड़ रहा है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला जाम
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मॉडल टाउन थाना पुलिस और बिजली निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बिजली विभाग के एसडीओ ने भरोसा दिलाया कि बुधवार से बिजली आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे चले प्रदर्शन को समाप्त कर सड़क पर यातायात बहाल कराया गया।
ग्रामीण बोले- केवल वादे नहीं, अब समाधान चाहिए
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। यदि आने वाले दिनों में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गढ़ी बोलनी में भी उठ चुकी है यही आवाज
इससे पहले सोमवार को गढ़ी बोलनी गांव के लोगों ने भी बिजली-पानी की समस्या और गांव के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों के विरोध में रेवाड़ी-कोटकासिम रोड पर कई घंटे तक जाम लगाया था।
लगातार दो दिनों में अलग-अलग गांवों में हुए प्रदर्शनों ने यह संकेत दिया है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।













