शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026

Haryana में राजस्व सेवाएं अब व्हाट्सएप पर, भू-मित्र चैटबॉट से घर बैठे मिलेंगी सुविधाएं

Written by: Best24News

Published:

Haryana सरकार ने आम नागरिकों को राजस्व सेवाएं आसान और तेज़ तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने “भू-मित्र”…


Revenue Services in Haryana Now on WhatsApp, ‘Bhu-Mitra’ Chatbot to Provide Facilities from Home
Revenue Services in Haryana Now on WhatsApp, ‘Bhu-Mitra’ Chatbot to Provide Facilities from Home
Google News Follow us on Google

Haryana सरकार ने आम नागरिकों को राजस्व सेवाएं आसान और तेज़ तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने “भू-मित्र” नामक व्हाट्सएप चैटबॉट लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से लोग भूमि और राजस्व से जुड़ी कई सेवाओं का लाभ घर बैठे अपने मोबाइल फोन से ही ले सकेंगे। यह चैटबॉट 24 घंटे और साल के 365 दिन काम करेगा, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।

Advertisement

इस नई डिजिटल पहल का उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। पहले जहां लोगों को जमाबंदी की कॉपी, इंतकाल की जानकारी या अन्य राजस्व सेवाओं के लिए तहसील या उप-तहसील के कार्यालयों में जाना पड़ता था, वहीं अब ये सभी सुविधाएं सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त की जा सकेंगी।

व्हाट्सएप पर मिलेगी जमीन से जुड़ी जरूरी जानकारी ?

भू-मित्र व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए नागरिक भूमि स्वामित्व और खेती से संबंधित रिकॉर्ड बहुत आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। किसान और जमीन मालिक अपने मोबाइल पर ही जमाबंदी की प्रति डाउनलोड कर सकेंगे। इसके अलावा भूमि स्वामित्व में बदलाव से संबंधित इंतकाल (म्यूटेशन) की कॉपी भी इस चैटबॉट के माध्यम से उपलब्ध होगी।

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

सरकार ने इस सेवा को बेहद सरल बनाने का प्रयास किया है ताकि आम लोग बिना किसी तकनीकी परेशानी के इसका उपयोग कर सकें। नागरिकों को केवल व्हाट्सएप नंबर 95933-00009 अपने मोबाइल में सेव करना होगा। इसके बाद इस नंबर पर मैसेज भेजकर भू-मित्र सेवा शुरू की जा सकती है। चैटबॉट उपयोगकर्ता को चरण-दर-चरण मार्गदर्शन करेगा और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएगा।

सबसे खास बात यह है कि यह चैटबॉट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करेगा। इससे विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग अपनी सुविधा के अनुसार भाषा चुनकर सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सुविधा से राजस्व सेवाओं की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें:राजस्थान से हरियाणा में अफीम लेकर आ रहे तस्कर चढ़े हत्थे ?

रजिस्ट्री, मुआवजा और शिकायत से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध ?

भू-मित्र चैटबॉट केवल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों को कई अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रदान करेगा। लोग इस चैटबॉट के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए टोकन भी बुक कर सकेंगे। इससे रजिस्ट्री कार्यालयों में लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही मुआवजा पंजीकरण और डीड रजिस्ट्रेशन से संबंधित सहायता भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह से डीड पंजीकरण से जुड़ी सेवाओं के एसएमएस भी नागरिकों को इसी चैटबॉट के जरिए भेजे जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी।

नागरिक भूमि सीमांकन के लिए आवेदन भी ऑनलाइन कर सकेंगे। यदि किसी व्यक्ति को जमीन या राजस्व से संबंधित कोई शिकायत है, तो वह उसे भी चैटबॉट के माध्यम से दर्ज करा सकता है। इसके बाद शिकायत की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक किया जा सकेगा। इससे यह भी पता चलता रहेगा कि शिकायत किस अधिकारी के पास है और उसका समाधान हुआ या नहीं।

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी: नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में पीयूष का चयन

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ ?

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, यह पहल आमजन को सरकारी सेवाओं तक सरल और त्वरित पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि अब लोग घर बैठे ही अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य करा सकेंगे।

इस सेवा का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलने की उम्मीद है। अक्सर ग्रामीण नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए भी तहसील कार्यालयों में कई बार जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। भू-मित्र चैटबॉट के जरिए यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

भविष्य में सरकार इस प्लेटफॉर्म पर और भी कई सेवाएं जोड़ने की योजना बना रही है। इससे राजस्व विभाग से जुड़ी अधिकतर सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा विभागीय कार्यों में होने वाली अनावश्यक देरी भी कम होगी और लोगों को बिना वजह सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

कुल मिलाकर, भू-मित्र व्हाट्सएप चैटबॉट हरियाणा में डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकारी सेवाएं आसान होंगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। आने वाले समय में यदि इस प्लेटफॉर्म पर और सेवाएं जोड़ी जाती हैं, तो यह नागरिकों के लिए एक बेहद उपयोगी और प्रभावी डिजिटल सुविधा साबित हो सकती है।

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp