गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

RBI ने पुराने नोटों को लेकर किया बड़ा ऐलान, अब ऐसे होगा प्रयोग…फटाफट जानें

Written by: सुनील चौहान

Published:

RBI Update: भारतीय रिज़र्व बैंक के पास हर साल करोड़ों-अरबों रूपए कचरा बन जाते हैं। ऐसे में RBI ने इन नोटों को लेकर एक नई तरकीब निकली हैं। अब हर साल जमा…


RBI made a big announcement regarding old notes 1
RBI made a big announcement regarding old notes 1
Google News Follow us on Google

RBI Update: भारतीय रिज़र्व बैंक के पास हर साल करोड़ों-अरबों रूपए कचरा बन जाते हैं। ऐसे में RBI ने इन नोटों को लेकर एक नई तरकीब निकली हैं। अब हर साल जमा होने वाले हज़ारों टन फटे और पुराने नोट सिर्फ कचरे के ढेर में नहीं जाएंगे, RBI के अनुसार अब इन नोटों से लकड़ी जैसे मजबूत बोर्ड बनाए जाएंगे। जिनसे फर्नीचर और अन्य उपयोगी सामान बन सकेगा।

Advertisement

नोटों को ‘पार्टिकल बोर्ड’ में बदला जाएगा

RBI ने देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर एक समाधान निकले है, जिससे कटे-फटे और चलन से बाहर हो चुके नोटों को रिसाइकल कर ‘पार्टिकल बोर्ड’ में बदला जा सकेगा। ये बोर्ड पारंपरिक लकड़ी के विकल्प के रूप में काम आएंगे और फर्नीचर से लेकर निर्माण सामग्री तक में इस्तेमाल किए जा सकेंगे।

जानें हर साल कितने नोट बनते हैं कचरा

RBI की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल लगभग 15,000 टन खराब बैंक नोट जमा होते हैं। अब तक इन नोटों को जलाना या जमीन में दबाना ही मुख्य विकल्प था, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। लेकिन अब इस नई प्रक्रिया से उनका सही और उपयोगी उपयोग संभव हो सकेगा।

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

कैसे बना समाधान?

RBI ने इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अधीन वुडन साइंस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट से शोध करवाया। शोध में पाया गया कि करेंसी पेपर से बने ब्रिकेट (गाढ़े गूंथे टुकड़े) तकनीकी रूप से पार्टिकल बोर्ड बनाने के मानकों को पूरा करते हैं। इसके बाद RBI ने पार्टिकल बोर्ड बनाने वाली कंपनियों को पैनल में जोड़ना शुरू कर दिया है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

संबंधित खबरें

WhatsApp