गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

Haryana के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील होगा और पौष्टिक, अब बच्चों को मिलेगी झटपट खीर और स्वादिष्ट पिन्नी

Written by: Best24News

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Haryana सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मिड-डे मील को और अधिक पौष्टिक व स्वादिष्ट बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब विद्यार्थियों को सप्ताह में…


Haryana के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील होगा और पौष्टिक, अब बच्चों को मिलेगी झटपट खीर और स्वादिष्ट पिन्नी
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Haryana सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मिड-डे मील को और अधिक पौष्टिक व स्वादिष्ट बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब विद्यार्थियों को सप्ताह में एक बार झटपट खीर (इंस्टेंट खीर) और एक बार स्वादिष्ट पिन्नी दी जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस कदम से न केवल बच्चों के भोजन की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में भी सुधार होगा। झटपट खीर एक ऐसी खीर है जिसे 15 से 20 मिनट में आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसे या तो रेडीमेड इंस्टेंट खीर मिक्स से बनाया जाएगा या फिर पहले से भिगोए गए चावल को जल्दी पकाने की विधि से तैयार किया जाएगा।

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राज्य के शिक्षा विभाग ने हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड, पंचकूला के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत झटपट खीर की आपूर्ति की जाएगी। यह पहल छात्रों के पोषण स्तर को बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। हरियाणा एग्रो स्कूलों में झटपट खीर की सप्लाई करेगा ताकि इसे बच्चों को नियमित रूप से परोसा जा सके। प्राथमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक ने सभी जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि मिड-डे मील योजना के अंतर्गत सप्ताह में एक दिन झटपट खीर और एक दिन पिन्नी दी जाए। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2025 से लेकर 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।

सरकार ने यह भी तय किया है कि जिस दिन छात्रों को दूध दिया जाएगा, उसी दिन उन्हें आयरन और फोलिक एसिड की टैबलेट भी दी जाएगी, ताकि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो सके। इन टैबलेट्स से छात्रों में खून की कमी (एनीमिया) जैसी बीमारियों की रोकथाम होगी। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, वर्तमान में नूंह और भिवानी जिलों में ही पिन्नी वितरित की जा रही है ताकि वहां के बच्चों का पोषण स्तर सुधारा जा सके। लेकिन अब यह सुविधा पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों तक विस्तार दी जा रही है। इस कदम से बच्चों को अधिक पौष्टिक आहार मिलेगा, जिससे उनकी एकाग्रता और पढ़ाई की क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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शुरुआती चरण में विटा ने स्कूलों में पिन्नी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है। फिलहाल 90 दिनों तक विटा द्वारा पिन्नी की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद स्कूलों को अपनी आवश्यकता के अनुसार पिन्नी की मांग सीधे हरियाणा एग्रो को भेजनी होगी। इस योजना से न केवल बच्चों के भोजन में विविधता आएगी बल्कि राज्य में स्थानीय खाद्य उत्पादों की खपत भी बढ़ेगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ “पढ़ेगा हर बच्चा, बढ़ेगा हर बच्चा” के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा भूखा न रहे और सभी को पर्याप्त पौष्टिक आहार मिले ताकि वे स्वस्थ शरीर और सशक्त मन के साथ देश का भविष्य बन सकें।

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