गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

LUVAS हिसार में पशुओं की मेगा नीलामी: भैंस संख्या 1131 बनी आकर्षण का केंद्र

Written by: Harsh Rajput

Published:

हिसार (Best24News): लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS), हिसार के पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग के भैंस फार्म में आयोजित सार्वजनिक नीलामी में देश भर से पहुंचे पशुपालकों और…


नीलामी के दौरान भैंस संख्या 1131 सभी प्रजनकों और खरीदारों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही
नीलामी के दौरान भैंस संख्या 1131 सभी प्रजनकों और खरीदारों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही
Google News Follow us on Google

हिसार (Best24News): लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS), हिसार के पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग के भैंस फार्म में आयोजित सार्वजनिक नीलामी में देश भर से पहुंचे पशुपालकों और प्रजनकों का भारी उत्साह देखने को मिला। कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस नीलामी में हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से करीब 250 पशुपालक और खरीदार शामिल हुए।

Advertisement

इस वृहद नीलामी प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुल 59 उन्नत नस्ल के पशुओं की बिक्री से 47.21 लाख रुपये का शानदार राजस्व प्राप्त किया है।

2.80 लाख रुपये में बिकी भैंस नंबर 1131

नीलामी के दौरान भैंस संख्या 1131 सभी प्रजनकों और खरीदारों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्नत नस्ल और उच्च दूध उत्पादन क्षमता की विशेषता वाली इस भैंस को खरीदने के लिए खरीदारों के बीच होड़ मच गई। अंततः बोली बढ़ते-बढ़ते 2.80 लाख रुपये तक पहुंच गई, जिसके साथ ही यह इस पूरी नीलामी में सबसे महंगे दाम पर बिकने वाला पशु बना।

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

59 पशुओं की नीलामी का पूरा विवरण
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अलग-अलग आयु वर्ग के कुल 59 पशुओं का चयन बिक्री के लिए किया गया था। यहां पर 24 भैंसें, 11 कटड़ियां और 24 कटड़े (कुल 59)। 24 कटड़ों में से 11 कटड़ों को नीलामी से एक दिन पहले ही विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रजनकों और ग्राम पंचायतों ने प्रजनन सुधार के उद्देश्य से खरीद लिया था। इनसे विश्वविद्यालय को 2.51 लाख रुपये की आय हुई। शेष बचे 48 पशुओं की बोली सार्वजनिक नीलामी वाले दिन लगाई गई, जिससे विभाग को 44.70 लाख रुपये प्राप्त हुए।

दोनों चरणों की बिक्री को मिलाकर विश्वविद्यालय को कुल 47.21 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रकार की नीलामियों का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को उच्च अनुवांशिक गुणवत्ता (Genetic Quality) वाले पशु उपलब्ध कराना है ताकि डेयरी फार्मिंग को और अधिक लाभप्रद बनाया जा सके।

ये भी पढ़ें:राजस्थान से हरियाणा में अफीम लेकर आ रहे तस्कर चढ़े हत्थे ?

Harsh Rajput
About the Author Harsh Rajput

मै हर्ष चौहान Best24News में बतौर राइटर कार्यरत हूं। रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by Harsh Rajput →

संबंधित खबरें

WhatsApp