सोमवार, 2 नवम्बर 2026

Property Rule : ससुर की संपत्ति पर दामाद का कितना अधिकार ? जानिए क्या कहता है कानून

Written by: Best24News

Published:

Property Rule : भारत में संपत्ति से जुड़े विवाद आम बात हैं. परिवारों के भीतर अक्सर पैतृक संपत्ति, उत्तराधिकार और मालिकाना हक को लेकर विवाद और मुकदमे होते रहते हैं. खासकर जब…


Property Rule : भारत में संपत्ति से जुड़े विवाद आम बात हैं. परिवारों के भीतर अक्सर पैतृक संपत्ति, उत्तराधिकार और मालिकाना हक को लेकर विवाद और मुकदमे होते रहते हैं. खासकर जब बात बहू, दामाद, बेटा या बेटी के अधिकार की आती है, तो सही कानूनी जानकारी न होने से भ्रम की स्थिति बन जाती है.

Advertisement

दामाद को ससुर की संपत्ति में हक मिलता है या नहीं?

कई लोग मानते हैं कि अगर बहू को ससुराल की संपत्ति में कुछ अधिकार मिल सकते हैं, तो क्या दामाद को भी ससुराल की संपत्ति में हिस्सा मिल सकता है?
कानूनी जवाब है – नहीं.
दामाद को कानूनन कोई स्वतः अधिकार नहीं मिलता. बहू को जो भी अधिकार मिलते हैं, वे घरेलू हिंसा कानून या अन्य वैवाहिक स्थितियों के आधार पर होते हैं, न कि स्वाभाविक उत्तराधिकारी के रूप में.

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति में फर्क समझें
भारत में संपत्ति को दो भागों में बांटा गया है:

पैतृक संपत्ति, जो परिवार से उत्तराधिकार में मिलती है.
स्व-अर्जित संपत्ति, जो व्यक्ति ने खुद की कमाई से खरीदी हो.

ये भी पढ़ें:राजस्थान से हरियाणा में अफीम लेकर आ रहे तस्कर चढ़े हत्थे ?

अगर किसी की मृत्यु बिना वसीयत के हो जाती है, तो उनकी संपत्ति पर बेटे और बेटियों का बराबर हक होता है. इस स्थिति में अगर बेटी को हिस्सा मिलता है, तो उसका पति यानी दामाद परोक्ष रूप से लाभ ले सकता है, लेकिन सीधा हक नहीं बनता.

हाईकोर्ट का फैसला: दामाद का कोई कानूनी दावा नहीं बनता
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि दामाद का ससुर की संपत्ति पर कोई हक नहीं होता, चाहे उसने उस संपत्ति के निर्माण में कुछ पैसा लगाया हो.
जब तक ससुर रजिस्टर्ड वसीयत के जरिए दामाद को संपत्ति देने की घोषणा नहीं करते, कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता.

क्या वसीयत से दामाद को संपत्ति मिल सकती है?
जी हां अगर ससुराल वाले रजिस्टर्ड वसीयत बनाते हैं और उसमें दामाद को उत्तराधिकारी घोषित करते हैं, तो वह कानूनी रूप से संपत्ति पर हकदार बन सकता है. लेकिन बिना वसीयत या गिफ्ट डीड के, दामाद का कोई स्वतः अधिकार नहीं होता.Property Rule

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी: नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में पीयूष का चयन

पत्नी की संपत्ति पर पति का क्या अधिकार होता है?
अगर किसी महिला को उसके माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलता है और बाद में उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पति कुछ हद तक उस संपत्ति में हकदार हो सकता है. लेकिन यह अधिकार सीमित होता है, और केवल उस स्थिति में जब संपत्ति उत्तराधिकार में मिली हो, न कि जब वह महिला के जीवनकाल में किसी और रूप में ट्रांसफर की गई हो.Property Rule

कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि दामाद को ससुराल की संपत्ति में स्वतः अधिकार देना शुरू कर दिया जाए, तो इससे महिलाओं के पैतृक हक पर खतरा पैदा हो सकता है. महिला अधिकार संगठन भी मानते हैं कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है.

संपत्ति विवाद से बचने के लिए क्या करें?
अगर बेटी को हिस्सा दे रहे हैं तो स्पष्ट करें कि उस पर केवल बेटी का अधिकार होगा या दामाद का भी.
पति-पत्नी के बीच स्वतंत्र संपत्ति स्वामित्व को बढ़ावा दें.
संपत्ति से जुड़ी वसीयत को रजिस्टर्ड कराएं, जिसमें स्पष्ट रूप से उत्तराधिकारी का उल्लेख हो.
संपत्ति को देने के लिए गिफ्ट डीड का विकल्प अपनाया जा सकता है.ौ

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp