शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Health Tips: ठंड में क्यों बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानिए कैसे करें इसकी पहचान ?

Written by: सुनील चौहान

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Health Tips: सर्दियों में अक्सर लोग डिहाइड्रेशन की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। क्यो कि ठंड में पसीना नहीं आता, इसलिए लोग कम पानी पीते है। जबकि यह गलत है! यहीं…


Health Tips: सर्दियों में अक्सर लोग डिहाइड्रेशन की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। क्यो कि ठंड में पसीना नहीं आता, इसलिए लोग कम पानी पीते है। जबकि यह गलत है! यहीं कारण है कि ठंड के दिनों में डिहाइड्रेशन का जोखिम बढ़ जाता है, लेकिन इसके लक्षण इतनी धीमी गति से सामने आते हैं कि लोग इसे पहचान नहीं पाते। जब ये गंभीर बन जाती है तक हमारा शरीर खराब हो चुका होता है।

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शरीर में पानी की कमी से थकान, सिरदर्द और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं, और अगर इसे ठीक न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। आइए इस लेख में सर्दियों में डिहाइड्रेशन की समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।Health Tips

इसका एक कारण यह है कि ठंडी हवा में सांस लेने पर शरीर से नमी तेजी से बाहर निकलती है। दूसरा कारण यह है कि ठंडे मौसम में शरीर प्यास लगने के संकेत को दबा देता है, यानी हमें कम प्यास महसूस होती है। इसके अलावा लोग चाय, कॉफी या सूप जैसे गर्म पेय पदार्थों पर अधिक निर्भर रहते हैं, जो पानी की कमी को पूरा नहीं कर पाते।

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शरीर में पानी की कमी से थकान, सिरदर्द और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं, और अगर इसे ठीक न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। आइए इस लेख में सर्दियों में डिहाइड्रेशन की समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।Health Tips

अधिक पेशाब आना: बता दे कि ठंडे वातावरण में शरीर रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है जिससे रक्त हृदय के आस-पास केंद्रित हो जाता है। ऐसे में मस्तिष्क किडनी को अधिक पेशाब बनाने का संकेत देता है। इसे कोल्ड डाययूरेसिस कहते हैं, जिससे शरीर से और अधिक तरल पदार्थ बाहर निकल जाता है।

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कम प्यास लगना: ठंड में डिहाइड्रेशन बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है कि प्यास कम लगती है। ठंडे तापमान में शरीर रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, जिससे गर्मी शरीर के अंदर बनी रहे। यह प्रक्रिया मस्तिष्क में प्यास लगने वाले संकेतों को दबा देती है। दूसरा हमें पसीना आता है इसलिए हमें यह महसूस नहीं होता कि हमें पानी पीने की जरूरत है।

श्वसन जल हानि: सर्दियों में हवा आमतौर पर रूखी और ठंडी होती है। जब हम ठंडी हवा में सांस लेते हैं, तो शरीर इसे गर्म करने और नम करने के लिए अपनी आंतरिक नमी का उपयोग करता है। जब हम सांस बाहर छोड़ते हैं, तो वह नमी वाष्प के रूप में बाहर निकल जाती है। बार-बार ऐसा होने पर, शरीर से तरल पदार्थ का नुकसान होता रहता है, जिसे श्वसन जल हानि कहते हैं।

 

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डिहाइड्रेशन की पहचान कैसे करे: डिहाइड्रेशन को पहचानने का सबसे आसान तरीका है अपने पेशाब के रंग को देखना। अगर आप पर्याप्त हाइड्रेटेड हैं, तो आपके पेशाब का रंग हल्का पीला या लगभग पारदर्शी होगा। अगर पेशाब का रंग गहरा पीला है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि आपको तुरंत और अधिक पानी पीने की जरूरत है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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