एशियन गेम्स में हरियाणवी शूटर्स का जलवा, रेवाड़ी व झजर में जश्न

On: September 25, 2026 2:54 PM
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हरियाणा के जिला रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि ने जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दूसरा गोल्ड डाल दिया
हरियाणा के जिला रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि ने जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दूसरा गोल्ड डाल दिया

एशियन गेम्स: हरियाणा के जिला रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि ने जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दूसरा गोल्ड डाल दिया। जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में हरियाणा के शूटर्स ने अवार्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया हैं। गोल्ड अवार्ड जीतने पर रेवाडी व झज्जर में जश्न मनाय जा रहा है।

सीएम नायब सैनी ने दी बधाई: हरियाणा के जिला रेवाड़ी की इस जोडी को सीएम नायब सैनी ने बधाई दी है। बता दे कि इस भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 अंक हासिल किए। सिल्वर मेडल जीतने वाली साउथ कोरिया को 478.0 अंक मिले, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता। इस उपलब्धि पर दोनों के परिवारों में खुशी का माहौल है। सीएम नायब सैनी ने भी दोनों बधाई देते हुए कहा कि आप दोनों की उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। रेवाड़ी जिले के गांव सुलखा के रहने वाले कमलजीत ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड टीम इवेंट के 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

रेवाड़ी में मनाया जश्न: दोनो की एक बडी की उपलब्धि पर रेवाडी में जश्न मनाया जा रहा है। बता दें कि इन दोनों खिलाड़ियों की पहली पसंद शूटिंग नहीं थी। सुरुचि को परिवार कबड्‌डी खिलाड़ी बनाना चाहता था, वहीं कमलजीत पहले एथलीट थे, लेकिन इंजरी के बाद इसे छोड़ना पड़ा। इसके बाद शूटिंग में करियर बनाया।इस उपलब्धि पर दोनों के परिवारों में खुशी का माहौल है। सीएम नायब सैनी ने भी दोनों बधाई देते हुए कहा कि आप दोनों की उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है।

जानिए कमलजीत की उपब्धियां: रेवाड़ी के खिलाडी कमलजीत ने शुरुआत में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में अपनी पहचान बनानी शुरू की। जल्द ही उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल की बारीकियों को भी समझना शुरू कर दिया। साल 2023 में कमलजीत ने आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक भी अपने नाम किया। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के समर्थन से वह सीनियर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे।

जानिए कैसे पहुंचे इस गेंग में दोनो: चोट के बाद कमलजीत ने पिस्टल शूटिंग को अपना नया खेल बनाया। साल 2019 में उन्होंने शूटिंग शुरू की। एथलेटिक्स और शूटिंग की जरूरतें अलग थीं। शूटिंग महंगा खेल है। मैच फीस, यात्रा और महंगी गोलियों का खर्च परिवार के लिए आसान नहीं था। शुरुआती दौर में आर्थिक दबाव इतना बढ़ गया था कि कमलजीत ने शूटिंग छोड़ने के बारे में भी सोचा।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

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