शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

Haryana: एसई निलंबन के विरोध में पावर इंजीनियरों का रोष प्रदर्शन जारी, दी चेतावनी

Written by: Best24News

Published:

Haryana: हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने हिसार में अधीक्षण अभियंता (एसई), जींद के निलंबन और इंजीनियर्स के पदोन्नति चैनल को अवरुद्ध करने के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। यह निलंबन एक मंत्री…


Haryana: हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने हिसार में अधीक्षण अभियंता (एसई), जींद के निलंबन और इंजीनियर्स के पदोन्नति चैनल को अवरुद्ध करने के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। यह निलंबन एक मंत्री का फोन न उठाने के मुद्दे पर किया गया था।

Advertisement

प्रदेश महासचिव रविंद्र घनघस ने कहा कि हरिदत्त, एसई जींद के निलंबन से इंजीनियरों में भारी रोष है । उन्होंने निलंबन आदेश को तत्काल रद्द करने और प्रमोशन पर नाजायज तरीके से लगी रोक को भी हटाने की मांग की।

सीनियर उपाध्यक्ष बलजीत बेनीवाल ने बताया कि हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (एचबीपीई) द्वारा 2021 में मंजूरी के बावजूद एसडीओ और एक्सईएन के पुनर्गठन को लागू नहीं किया गया हैंं। निगम प्रशासन द्वारा उस एजेंडे को वापस ले लिया गया है, जिसमें अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति का प्रस्ताव था जिसको लेकर इंजीनियरों में भारी रोष है ।

Advertisement

ये भी पढ़ें:गुरुग्राम में मेगा रोजगार मेला 23 अक्टूबर को, जानिए रिक्त पद व योग्यता

इससे एसई, कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) के पदोन्नति के अवसर रुक गए हैं। कई मुख्य अभियंताओं के पास दोहरे प्रभार हैं, जिससे निगम के मुख्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं ।

वाईस प्रेसिडेंट सुदीप बामल ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में अनुमोदित 29 एक्सईएन पदों में से केवल 2 पद ही भरे गए हैं। चरखी दादरी और नूंह जिलों में तो 4 साल बाद भी अधीक्षण अभियंता नियुक्त नहीं किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को बिजली सेवाओं के लिए अन्य जिलों में जाना पड़ता है।

ये भी पढ़ें:4600 करोड़ से बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण अटका: जानिए अब क्या है स्थिति?

निगम में पुनर्गठन कार्य रुका हुआ है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को आरटीएस एक्ट के तहत सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं और आरटीएस कमीशन द्वारा समय पर काम न होने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। एक तरफ तो सरकार उपभोक्ताओं को सेवाएं देने के लिए आरटीएस एक्ट लागु कर रही है वहीँ दूसरी और स्वीकृत पदों पर पोस्टिंग भी नहीं दे रही है |

उन्होंने आगे बताया कि उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, कई उप-उपमंडल 40,000 से अधिक उपभोक्ताओं को संभाल रहे हैं। एसडीओ पर काम का अत्यधिक दबाव है, जो गर्मी में एक दिन में लगभग 700 फोन कॉल्स उठाने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन में 50 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। एसोसिएशन ने निगम मैनेजमेंट को मांगें मानने के लिए बुधवार तक का टाइम दिया है अन्यथा मांगें न माने जाने पर आंदोलन को सभी ज़िले स्तर पर तेज करने की चेतावनी दी है।

ये भी पढ़ें:हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बड़ा बढ़ावा: 10% पंचायती जमीन पट्टे पर देगी सरकार

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp