Haryana News: आरक्षण व्यवस्था को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह का आरक्षण का लाभ ले रहे हैं वह बाद में जनरल सीट पर दावा नहीं कर सकते हैं।
हाई कोर्ट के इस फैसले ने जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को काफी राहत दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी हाल में जनरल कैटेगरी के सीट पर दावा करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।
आरक्षण का लाभ लेने पर नहीं होगा जनरल कैटेगरी में माइग्रेशन
हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी ने आयु सीमा में छूट, आवेदन शुल्क में रियायत या अन्य किसी आरक्षण संबंधी सुविधा का लाभ लिया है, तो उसे अनारक्षित वर्ग की सीटों पर समायोजित नहीं किया जा सकता।
मेरिट के आधार पर सामान्य सीट पाने का रहेगा अधिकार
हाई कोर्ट ने कहा कि जो उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग में आवेदन किए हो और किसी भी प्रकार के विशेष लाभ को नहीं दिए हो उनके अंक सामान्य वर्ग के कटक से अधिक है तो उन्हें जनरल सीटों पर विचार किए जाने का अधिकार दिया जाएगा।
आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर भर्ती से जुड़ा है मामला
यह फैसला हरियाणा में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (ग्रुप-बी) के 805 पदों पर भर्ती से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आया। यह भर्ती जून 2024 में जारी विज्ञापन के तहत की गई थी। मामले में कई अभ्यर्थियों ने पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की थीं, जिन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश जारी किया।
हाई कोर्ट के द्वारा इस मामले में राज्य सरकार से भी जवाब मांगा गया था। राज्य सरकार ने लंबे समय के बाद अपना फैसला सुना दिया है और इस फैसले से जनरल कैटेगरी के छात्रों को काफी खुशी मिली है।













