हरियाणा में मानसून की चाल एक बार फिर सुस्त पड़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, लेकिन इसका असर पूरे राज्य में देखने को नहीं मिला। करीब 15 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं छिटपुट बारिश दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक मानसूनी गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को बारिश से राहत मिलने के बजाय उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।
दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में बारिश की संभावना
मौसम के मौजूदा हालात के अनुसार, हरियाणा के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश के कुछ अन्य इलाकों में भी स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, फिलहाल पूरे राज्य में एक साथ तेज बारिश होने की संभावना कम नजर आ रही है।
अगले 2-3 दिन कमजोर रह सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दो से तीन दिनों के दौरान हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मानसून की सक्रियता सीमित रह सकती है। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन व्यापक स्तर पर अच्छी बारिश के लिए लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
बारिश कम होने से बढ़ेगी उमस और चिपचिपी गर्मी
मानसून के कमजोर पड़ने का असर तापमान के साथ-साथ हवा में नमी पर भी पड़ सकता है। बारिश नहीं होने और वातावरण में नमी बने रहने की वजह से उमस बढ़ने की संभावना है। ऐसे में दिन के समय लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। बारिश की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को अगले कुछ दिनों में भी मौसम से बहुत ज्यादा राहत मिलने के आसार कम हैं।मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक हरियाणा में बारिश का दौर हल्का और बिखरा हुआ रहने की संभावना है। हालांकि स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश भी हो सकती है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल लोगों को उमस भरी गर्मी के बीच मौसम में बदलाव का इंतजार करना होगा।














