गुरुग्राम में बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अब अरावली क्षेत्र के आसपास भी नए रिहायशी सेक्टर विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को जिले के 8 गांवों से करीब 196 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा प्रस्ताव शिकोहपुर गांव से आया है, जहां जमीन मालिकों ने लगभग 107 एकड़ भूमि देने की इच्छा जताई है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इस इलाके में आने वाले समय में नया आवासीय सेक्टर विकसित किया जा सकता है।
शिकोहपुर की 107 एकड़ जमीन पर टिकी नजर
दिल्ली-जयपुर हाईवे के नजदीक स्थित शिकोहपुर गांव को इस पूरी योजना में अहम माना जा रहा है। यहां के जमीन मालिकों ने HSVP को करीब 107 एकड़ जमीन बेचने के लिए आवेदन किया है। गुरुग्राम के तेजी से विकसित होते इलाकों में शामिल होने के कारण शिकोहपुर की जमीन की कीमत भी काफी अधिक बताई जाती है। ऐसे में अगर यहां नया सेक्टर विकसित करने की मंजूरी मिलती है, तो यह इलाका भविष्य में आवासीय विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।जमीन मालिकों से मिले प्रस्ताव के आधार पर HSVP के संपदा अधिकारी ने पूरी जानकारी मुख्यालय भेज दी है। अब विभागीय मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्राधिकरण की योजना इच्छुक जमीन मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीदकर नए सेक्टर विकसित करने की है। इसके लिए ई-भूमि पोर्टल के जरिए जमीन देने के इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए थे।
8 गांवों के जमीन मालिकों ने दिखाई जमीन बेचने में रुचि
HSVP की ओर से नए सेक्टर विकसित करने के लिए गुरुग्राम के अलग-अलग इलाकों में जमीन की पहचान की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत 8 गांवों के जमीन मालिकों ने करीब 196 एकड़ भूमि देने के लिए आवेदन किया है। इन सभी प्रस्तावों को आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजा गया है। अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही यह तय होगा कि किन इलाकों में जमीन खरीदकर रिहायशी सेक्टर विकसित किए जाएंगे।सुल्तानपुर झील के आसपास के क्षेत्र से भी जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सामने आया है। यहां करीब 7 एकड़ जमीन के मालिकों ने अपनी भूमि देने में रुचि जताई है। हालांकि, सुल्तानपुर झील के आसपास पर्यावरण से जुड़े कई नियम लागू हैं। झील के निर्धारित दायरे में नए निर्माण पर प्रतिबंध होने के कारण इस क्षेत्र में किसी भी विकास योजना को आगे बढ़ाने से पहले संबंधित पर्यावरणीय प्रावधानों का पालन करना होगा।
गुरुग्राम-पटौदी रोड के पास भी जमीन के प्रस्ताव
नए सेक्टरों के लिए जमीन देने वालों में गुरुग्राम-पटौदी रोड के आसपास स्थित गांवों के जमीन मालिक भी शामिल हैं। मेवका और ढोरका गांव से करीब 42 एकड़ जमीन के प्रस्ताव मिले हैं। इन इलाकों में भी यदि HSVP की योजना को मंजूरी मिलती है, तो भविष्य में रिहायशी विकास का विस्तार देखने को मिल सकता है।HSVP की योजना के तहत नए रिहायशी सेक्टर विकसित करते समय पूरी जमीन को प्लॉट के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। सेक्टर की कुल भूमि में करीब 45 फीसदी हिस्सा बिक्री योग्य क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाता है। शेष 55 फीसदी भूमि का इस्तेमाल सड़कों, पार्कों, हरित क्षेत्र और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य नए सेक्टर में सुनियोजित तरीके से आवासीय विकास करना है।
गांवों में लगाए गए शिविर, अब सरकारी मंजूरी का इंतजार
HSVP के अधिकारियों के अनुसार, ई-भूमि योजना के तहत जमीन खरीदने के लिए गांवों में शिविर लगाकर जमीन मालिकों से प्रस्ताव लिए गए थे। 8 गांवों से मिले करीब 196 एकड़ जमीन के प्रस्ताव को मुख्यालय भेजा जा चुका है। अब प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी।गुरुग्राम में लगातार बढ़ती आबादी और आवासीय मांग को देखते हुए नए सेक्टरों के विकास की यह योजना आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, फिलहाल जमीन खरीद और सेक्टर विकसित करने की प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। अंतिम तस्वीर मुख्यालय से मंजूरी और आगे की विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद ही साफ होगी।














