
Haryana News: हरियाणा सरकार आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में सरकारी अस्पतालों के लिए करोड़ों रुपये के चिकित्सा उपकरण और दवाइयों की खरीद को मंजूरी दी गई है। यह फैसला स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में हुई स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि राज्य के 8 सिविल अस्पतालों में एमआरआई मशीनें और 2 अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीनें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर लगाई जाएंगी। इसके अलावा 604 चिकित्सा केंद्रों पर ईसीजी जांच की सुविधा भी तय दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
बैठक में 67 एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की खरीद को मंजूरी दी गई, जिस पर 23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ईएनटी रोगियों के लिए 22 नसल एंडोस्कोप लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे जाएंगे। टीबी मरीजों के इलाज के लिए 40 हूनेट मशीनें करीब 6 करोड़ रुपये में और 15 पैथोडिटेक्ट मशीनें लगभग 13 करोड़ रुपये में खरीदी जाएंगी।
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आरती राव ने कहा कि अब मरीजों को दवाइयों और इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता को मजबूत कर रही है। इससे इलाज में देरी नहीं होगी और गंभीर मरीजों को तुरंत सहायता मिल सकेगी।
नई मशीनों और दवाइयों की खरीद से गरीब और जरूरतमंद लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। आने वाले महीनों में ये सभी सुविधाएं हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर नागरिक को उसके नजदीक ही इलाज की पूरी सुविधा मिले।
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