गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

Haryana News: पराली जलाने वालों पर होगी बडी कार्रवाई, हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त

Written by: Best24News

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Haryana News: हरियाणा में पराली जलाने के केस बढते जा रही है। इसी को लेकर सरकार अब बडी कार्रवाई करने जा रही है। हरियाणा के पलवल जिले में अब फसल अवशेष (पराली)…


Haryana News: हरियाणा में पराली जलाने के केस बढते जा रही है। इसी को लेकर सरकार अब बडी कार्रवाई करने जा रही है। हरियाणा के पलवल जिले में अब फसल अवशेष (पराली) जलाने पर जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए जिले के 253 गांवों में 323 नोडल अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय कर दिया गया है।Haryana News

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सुप्रीम कोर्ट भी लगा चुका फटकार :सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के मामले में उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाने को लेकर हरियाणा और पंजाब की सरकारों को फटकार लगा चुका है। एक बार कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को निर्देश दिया।

जानिए क्यों पडी जरूरत: बता दे एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए ग्रेप का पहला चरण लागू हो गया है। इसी के तहत पलवल, होडल और हसनपुर खंड के सात गांवों को यलो जोन में चिन्हित किया गया है।

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यलो जोन में हर 50 किसानों पर एक नोडल अधिकारी और ग्रीन जोन में हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है। ये अधिकारी किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके सिखा रहे हैं और पराली जलाने से रोकने के लिए गांवों में जागरूकता फैला रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली के अवकाशों के दौरान भी ये अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहेंगे। लक्ष्य किसानों को दंडित करना नहीं, बल्कि पर्यावरण और मिट्टी की सेहत की रक्षा करना है।

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जानिए कितना लगेगा जुर्माना: उपनिदेशक डॉ. बाबूलाल ने बताया कि दो एकड़ तक पराली जलाने पर 5,000 रुपये, पांच एकड़ तक 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक पर 30,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उनकी रेड एंट्री ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर की जाएगी।

जो किसान फसल अवशेष का इन-सीटू या एक्स-सीटू प्रबंधन करते हैं, उन्हें 1,200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जाएगी। नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर ऑनलाइन सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग की टीमें गांवों में जाकर सुपर सीडर, बेलर और एसएमएस जैसी आधुनिक मशीनों के उपयोग और लाभ की जानकारी दे रही हैं।Haryana News

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