
Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। रबी सीजन में यदि कोई किसान गेहूं के उपचारित बीज सब्सिडी पर लेना चाहता है, तो अब उसे अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर गांव के सरपंच या नंबरदार से मोहर लगवानी होगी। यह नया नियम सरकार द्वारा लागू किया गया है ताकि सब्सिडी का लाभ सही किसानों तक पहुंच सके।
गेहूं बीज पर मिलेगी 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान गेहूं की बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। सरकार ने इस बार किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रति क्विंटल करीब 1,000 रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है। यानी जो बीज पहले 4,000 रुपये प्रति क्विंटल में मिलता था, वह अब किसानों को 3,000 रुपये में उपलब्ध होगा।
इस बार किसानों को न सिर्फ आधार कार्ड देना होगा बल्कि उस पर सरपंच या नंबरदार की मोहर भी लगवानी जरूरी होगी। इतना ही नहीं, किसान को जितने बीज बैग की जरूरत है, उसका सत्यापन भी सरपंच से करवाना होगा। सरकार ने तय किया है कि एक किसान को अधिकतम 15 बैग पर ही सब्सिडी दी जाएगी।
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अन्य फसलों पर भी मिलेगा लाभ
सरकार ने गेहूं के साथ-साथ सरसों और चने जैसी रबी फसलों के बीजों पर भी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य किसानों को प्रोत्साहित करना और उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है। इस योजना से हरियाणा के हजारों किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक खेती की पद्धति को अपनाएं ताकि मिट्टी की सेहत बनी रहे और फसलों की गुणवत्ता में सुधार हो। सरकार का कहना है कि सब्सिडी और आधुनिक खेती दोनों मिलकर कृषि को आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल बना सकते हैं।
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