हरियाणा न्यूज़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।
अब सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर जिला प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। इसके लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ADC स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई, मिड-डे मील और दूसरी जरूरी सुविधाओं की नियमित जांच करेंगे।
जर्जर स्कूल भवनों में नहीं बैठेंगे बच्चे, सरकार ने दिए सख्त निर्देश
सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई खतरे वाले भवन में नहीं कराई जाएगी। ADC जिले के सभी सरकारी स्कूलों में ऐसे भवनों की पहचान करेंगे, जो खराब हालत में हैं।
जर्जर भवन मिलने पर उन्हें सुरक्षित बनाने या नए भवन की व्यवस्था करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल मिल सके।
स्कूल की हर सुविधा पर रहेगी प्रशासन की नजर
नई व्यवस्था के तहत ADC स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की लगातार समीक्षा करेंगे। इसमें पीने का पानी, शौचालय, साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल और जलभराव जैसी समस्याएं शामिल हैं।
अगर किसी स्कूल में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों के खाने से लेकर डिजिटल पढ़ाई तक होगी जांच
सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ADC भोजन की गुणवत्ता, राशन की उपलब्धता और पानी की व्यवस्था की जांच करेंगे।
इसके अलावा स्कूलों में लगे स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, टैबलेट और अन्य डिजिटल संसाधनों का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, इसकी भी निगरानी की जाएगी।
शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति पर भी होगी नजर
ADC स्कूलों में पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति की भी समीक्षा करेंगे। जरूरत पड़ने पर स्कूलों का अचानक निरीक्षण भी किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित माहौल के साथ बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सके और स्कूलों की व्यवस्था पहले से मजबूत हो।













