शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Haryana HVPNL ने ₹65 करोड़ का प्रस्ताव NCRTC को सौंपा, RRTS निर्माण में High-Tension Lines हटाने का प्लान

Written by: Best24News

Published:

Haryana: दिल्ली से अलवर तक बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के निर्माण में बाधा डाल रही हाई-टेंशन रेल टावरों और लाइनों को अंबियंस मॉल से IFFCO चौक तक हटाने…


Haryana HVPNL ने ₹65 करोड़ का प्रस्ताव NCRTC को सौंपा, RRTS निर्माण में High-Tension Lines हटाने का प्लान
Haryana HVPNL ने ₹65 करोड़ का प्रस्ताव NCRTC को सौंपा, RRTS निर्माण में High-Tension Lines हटाने का प्लान
Google News Follow us on Google

Haryana: दिल्ली से अलवर तक बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के निर्माण में बाधा डाल रही हाई-टेंशन रेल टावरों और लाइनों को अंबियंस मॉल से IFFCO चौक तक हटाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) ने इस परियोजना का अनुमानित लागत ₹65 करोड़ रखा है। यह प्रस्ताव अब नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) को सौंपा गया है, जो तय करेगा कि लाइनों और टावरों को हटाने का कार्य किसी कंपनी को दिया जाए या इसे स्वयं HVPNL के माध्यम से कराया जाए।

Advertisement

इस प्रस्ताव के बाद राष्ट्रीय राजधानी और हरियाणा तथा राजस्थान के महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ने वाले सेमी-हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है। इस परियोजना का पहला चरण दिल्ली से बावल तक का होगा। आरआरटीएस की रूट पहले दिल्ली रोड से प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे के साथ बदल दिया गया। इस मार्ग में IFFCO चौक से अंबियंस मॉल तक हाई-टेंशन लाइनों और टावरों का बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है, जो निर्माण कार्य में बाधा डाल रहा है।

टावरों और लाइनों को हटाने के विकल्प

HVPNL ने हाई-टेंशन टावरों और लाइनों को हटाने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग के पास दो विकल्प हैं: पहला, यह कार्य HVPNL को सौंपा जाए और अनुमानित लागत विद्युत निगम को जमा की जाए; दूसरा विकल्प यह है कि टेंडर के माध्यम से किसी कंपनी को टावर और लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य दिया जाए, और इसके लिए विद्युत निगम को निरीक्षण शुल्क का भुगतान किया जाए। NCRTC द्वारा प्रस्ताव मिलने के तुरंत बाद इसका अनुमान तैयार कर लिया गया।

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

आरआरटीएस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

दिल्ली से अलवर तक कुल 164 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 22 स्टेशन बनेंगे, जिनमें 17 स्टेशन एलिवेटेड और 5 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। गुड़गांव में चार स्टेशन—साइबर हब, IFFCO चौक, राजीव चौक और हीरो होंडा चौक—निर्मित होंगे। ट्रेन की औसत गति 100 किमी/घंटा होगी, जबकि 160 किमी/घंटा की गति क्षमता भी लागू करने का अनुमान Haryana Electricity Transmission Corporation ने प्रस्तुत किया है। इस परियोजना से दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख क्षेत्रों के बीच आवागमन और कनेक्टिविटी में सुधार आएगा और क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp