
Haryana: गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे पर जल्द ही treated पानी के जरिए हरियाली बिखरती नजर आएगी। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) मनसेर के Common Effluent Treatment Plant (CETP) से treated पानी को केएमपी एक्सप्रेसवे तक पहुँचाने के लिए पाइपलाइन परियोजना पर काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और पाइपलाइन 31 दिसंबर के बाद चालू हो जाएगी। इसके बाद एक्सप्रेसवे के किनारों पर बड़े पैमाने पर हरियाली फैलाने की योजना को लागू किया जा सकेगा।
मनसेर का 55 MLD CETP प्रतिदिन औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार करता है। अब इस treated पानी का उपयोग पहले की तुलना में बहुत अधिक किया जाएगा। GMDA ने निर्णय लिया है कि इस पानी का अधिकतम इस्तेमाल हरित पट्टियों, एक्सप्रेसवे के किनारों, पार्कों और प्लांटेशन साइट्स की सिंचाई के लिए किया जाएगा। इससे न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि भूजल का अति दोहन भी रोका जा सकेगा। पाइपलाइन पूरी होने के बाद केएमपी और द्वारका एक्सप्रेसवे के बीच स्थित क्षेत्रों में सिंचाई की समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी।
मुख्य पाइपलाइन ₹1.34 करोड़ की लागत से तैयार
मुख्य पाइपलाइन बिछाने में लगभग ₹1.34 करोड़ की लागत आएगी। GMDA के विशेष कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि समय सीमा को पूरा करने के लिए काम तेज गति से चल रहा है। पाइपलाइन पूरी होने के बाद treated पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना से न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि शहर में हरित आवरण और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
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द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए अलग नेटवर्क ₹14.90 करोड़ में
मुख्य पाइपलाइन के साथ-साथ GMDA द्वारका एक्सप्रेसवे के विभिन्न सेक्टरों तक treated पानी पहुँचाने के लिए क्षेत्र-वार नेटवर्क विकसित करेगा। इस कार्य पर लगभग ₹14.90 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह नेटवर्क उन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति करेगा, जहां हरित पट्टियाँ और लैंडस्केपिंग की योजना बनाई गई है। GMDA ने कहा कि इस महीने ही इस कार्य को किसी एजेंसी को दिया जाएगा। इस परियोजना से न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि शहर के वातावरण में सुधार भी होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
