मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

Haryana Natural Farming Project: हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान ! सरकारी जमीन पर प्राकृतिक खेती करेगी सरकार

Written by: Best24News

Published:

Haryana Natural Farming Project:  हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक नई और दूरगामी पहल की है, जिसका मकसद है—प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और पर्यावरण के साथ-साथ किसानों की आय में…


Haryana Natural Farming Project:  हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक नई और दूरगामी पहल की है, जिसका मकसद है—प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और पर्यावरण के साथ-साथ किसानों की आय में सुधार करना .
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत सरकारी भूमि पर प्राकृतिक खेती का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा .

Advertisement

जठेरी गांव में होगी परियोजना की शुरुआत
इस योजना की शुरुआत कुरुक्षेत्र जिले के पुंडरी खंड के गांव जठेरी से की जा रही है .
यहां 53 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की मॉडल प्रणाली लागू की जाएगी .
यह भूमि कृषि और किसान कल्याण विभाग के स्वामित्व में है और इस पर किसी प्रकार की निजी कृषि नहीं की जाती .

क्यों जरूरी है प्राकृतिक खेती?
प्राकृतिक खेती एक ऐसी प्रणाली है जिसमें रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता .
इसके स्थान पर गोबर, गोमूत्र, जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग किया जाता है .
इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, उत्पादन में स्वस्थता बनी रहती है और खेती की लागत घटती है .
हरियाणा सरकार का मानना है कि इससे कृषकों की आय में भी इजाफा होगा .

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

 

पर्यावरणीय सुधार और किसान हित दोनों पर फोकस
यह परियोजना मिट्टी की सेहत को सुधारने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है .
प्राकृतिक खेती से भूमि की नमी बनी रहती है, जल संरक्षण बेहतर होता है और भूमिगत जल स्तर को भी मदद मिलती है .
इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार इस मॉडल को अन्य जिलों में भी विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है .

ये भी पढ़ें:राजस्थान से हरियाणा में अफीम लेकर आ रहे तस्कर चढ़े हत्थे ?

किसानों के लिए बनेगा एक प्रशिक्षण मॉडल
जठेरी गांव में बनने वाला यह प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट केवल खेती ही नहीं, बल्कि एक ‘प्रशिक्षण केंद्र’ के रूप में भी कार्य करेगा .
यहां अन्य जिलों से किसान आकर प्राकृतिक खेती की तकनीक, प्रयोग और लाभ के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे .
राज्य सरकार इसे एक मॉडल फार्म के रूप में विकसित करेगी, जो आने वाले वर्षों में हरियाणा के कृषि परिदृश्य को बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है .

सरकारी जमीन के सार्थक उपयोग की पहल
अब तक कृषि विभाग की कई सरकारी जमीनें बिना उपयोग के पड़ी थीं, लेकिन अब इनका उपयोग खेती के मॉडल, रिसर्च और प्रयोगात्मक खेती के लिए किया जाएगा .
इससे न केवल भूमि की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि कृषि विज्ञानियों और छात्रों को भी प्रयोग करने का अवसर मिलेगा .

मुख्यमंत्री की सोच: हर खेत, स्वस्थ खेत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि हर खेत जैविक और टिकाऊ उत्पादन की ओर बढ़े .
सरकार की यह नीति कृषक हितैषी, पर्यावरण-संवेदनशील और आर्थिक दृष्टि से प्रभावी है .
यदि यह पायलट सफल होता है तो राज्यभर के किसानों को प्रोत्साहन योजनाओं के तहत इसमें जोड़ा जाएगा .

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी: नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में पीयूष का चयन

भविष्य की योजना
अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो सरकार इसे हर जिले में लागू करने की दिशा में काम करेगी .
इससे हरियाणा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है .
कृषि नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं ही भारत को आत्मनिर्भर कृषि की ओर ले जा सकती हैं .

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp