रेवाड़ी (Best24News): हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद’, वाधवानी फाउंडेशन (कौशल विकास नेटवर्क) तथा आईजीयू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU) मीरपुर में कुलपति प्रो. असीम मिगलानी और कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय फैसिलिटेटर डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) “जनरेटिव एआई आधारित रोजगार कौशल” का विधिवत शुभारंभ हुआ। हाइब्रिड मोड पर आधारित इस कार्यक्रम का पहला दिन विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन आयोजित किया गया, जबकि आगामी दो दिनों का प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यम से दिया जाएगा।

प्रदेश की 4 बड़ी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों के शिक्षक बने ‘सुगमकर्ता’
- गुरुग्राम विश्वविद्यालय
- इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर
- श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल
- जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद
मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों व संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये शिक्षक ‘सुगमकर्ता’ (Facilitator) और मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे। ये शिक्षक अपने-अपने संस्थानों के अंतिम वर्ष (Final Year) के विद्यार्थियों का बैच बनाएंगे, जिसके बाद वाधवानी ग्रुप के विशेषज्ञ इन विद्यार्थियों को निःशुल्क (Free of Cost) रोजगार कौशल प्रशिक्षण देंगे।
विद्यार्थियों को ‘नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार दाता बनाएं’: प्रो. असीम मिगलानी
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ‘भविष्य के लिए तैयार’ करना है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से जोड़ें और उन्हें ‘रोजगार दाता’ (Job Creator) बनाने पर बल दें।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा (अध्यक्ष, हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद) ने हस्तकौशल, ‘कौशल भारत’, MSME और भारतीय ज्ञान परंपरा को अध्यापन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने शोधकर्ताओं से अपने रिसर्च का पेटेंट कराने की अपील भी की।तकनीकी सत्र में वाधवानी फाउंडेशन की मुख्य प्रशिक्षक सुश्री प्रियंका पवार ने शिक्षकों को क्लासरूम टीचिंग में जनरेटिव AI (Generative AI) टूल्स के व्यावहारिक उपयोग का गहन प्रशिक्षण दिया।

सत्र का समापन करते हुए कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाने के लिए उद्योग विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल कर रहा है।
ये रहे मौजूद: इस मौके पर SEPD केंद्र की निदेशक एवं संयोजिका डॉ. रितु बजाज की देखरेख में हुआ। इस अवसर पर अधिष्ठाता अकादमिक मामले प्रो. सुनील कुमार, प्रो. पंकज त्यागी, डॉ. रमेश, प्रो. दीपक गुप्ता, डॉ. विपिन, डॉ. ममता, डॉ. संदीप पुरवा सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष एवं प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित रहे।












