महेंद्रगढ़(Best24News) महेंद्रगढ़ शहर थाना पुलिस पर एक युवक को कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में रखने और मारपीट करने के आरोपों के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर ASI जयकिशन के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला 17 सितंबर की रात का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता आशा यादव ने BNSS की धारा 175(3) के तहत SDJM कोर्ट में आवेदन देकर पुलिसकर्मी पर उसके पति दीपक को स्कूटी के दस्तावेजों की जांच के बहाने बुलाने और बाद में पुलिस वाहन से थाने ले जाने का आरोप लगाया था।

दो साल से थाने के कैमरे खराब: शिकायत के अनुसार, आशा यादव अपनी दो माह की बच्ची के साथ थाने पहुंची, लेकिन उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। कोर्ट ने SHO से संबंधित समय की CCTV फुटेज और रिपोर्ट मांगी। पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि थाने के CCTV कैमरे करीब एक साल से खराब हैं और इस संबंध में 30 जनवरी 2026 को SP महेंद्रगढ़ को पत्र भेजा गया था। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 17 सितंबर को हरीश नामक व्यक्ति ने बालाजी चौक पर स्कूटी और बाइक सवारों के बीच कहासुनी की शिकायत दी थी। इसके बाद दीपक और उसके दोस्त रोहित को थाने बुलाया गया। पुलिस ने दोनों को BNSS की धारा 126/170 के तहत हिरासत में लेने की बात कही। रिकॉर्ड के मुताबिक रोहित को उसी रात छोड़ दिया गया, जबकि दीपक को थाने में रखा गया।
गिरफ्तार का नहीं मिला कोई रिकोर्ड: अदालत के आदेश में कहा गया कि दीपक को हिरासत में लेने के कारण बताए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस की ओर से यह भी स्वीकार किया गया कि हिरासत की सूचना SDM या SDJM को नहीं दी गई थी। वहीं दीपक ने अदालत में आरोप लगाया कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े उतारे गए। उसने ASI जयकिशन, CIA स्टाफ के पुलिसकर्मी उज्ज्वल सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए। उज्ज्वल ने अदालत में मारपीट के आरोप से इनकार किया। अदालत ने पुलिस अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास का भी उल्लेख किया।
पुलिस पर मामला दर्ज: बता दे नारनोल कोर्ट बताया कि दीपक की गिरफ्तारी को प्रथम दृष्टया गैरकानूनी प्रतीत होने की बात कहते हुए FIR दर्ज कर जांच के आदेश दिए। साथ ही SP महेंद्रगढ़ को जांच की निगरानी करने और संभव हो तो DSP स्तर के अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।












