गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

Expressway : जल्द तैयार होगा 71 KM लंबा ये ग्रीन एक्सप्रेसवे, लोगों को मिलेगा ये बड़ा फायदा 

Written by: सुनील चौहान

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Expressway : देश के अंदर जगह जगह सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, आज देश के अंदर एक जगह से दूसरे जगह जाने में बिल्कुल समय नहीं लगता है । भारतीय राष्ट्रीय…


This 71 KM long green expressway will be ready soon
This 71 KM long green expressway will be ready soon
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Expressway : देश के अंदर जगह जगह सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, आज देश के अंदर एक जगह से दूसरे जगह जाने में बिल्कुल समय नहीं लगता है । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार 260 KM लंबे बेंगलुरु-चेन्नई Expressway (BCE) का 71 KM लंबा कर्नाटक सेक्शन एक महीने में बनकर तैयार हो जाएगा।

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NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी (कर्नाटक) विलास पी। ब्रह्मणकर ने मनीकंट्रोल को बताया “400 मीटर के सेक्‍शन को छोड़कर BCE के कर्नाटक सेक्‍शन (होसकोटे से बेथमंगला) पर काम पूरा हो चुका है। होसकोटे के पास जिन्नागेरा क्रॉस पर एक मंदिर को हटाए जाने के मामले के चलते इस 400 मीटर के सेक्‍शन पर काम में देरी हुई है।

इस मंदिर को दो हफ्ते पहले दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। अब हम एक महीने में पूरा काम पूरा कर लेंगे।” उन्होंने बताया, “टोल कलेक्शन पर भी अभी फैसला होना बाकी है। हमें अभी टोल दरों को अंतिम रूप देना है। अगले साल आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सेक्शन पूरा होने के बाद Expressway पर ट्रैफिक बढ़ जाएगा। कर्नाटक सेक्शन के पूरी तैयार होने के बाद बेंगलुरु के लोग इस 71 KM के सेक्‍शन का इस्तेमाल मलूर और बंगारपेट जैसी जगहों पर जाने के लिए कर सकेंगे।

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” स्पीड लिमिट 120 KM Expressway के होसकोटे में अपने स्टार्टिंग प्वाइंट पर इंटरचेंज होंगे, जो बेंगलुरु सैटेलाइट रिंग रोड से जुड़ेगा। साथ ही मलूर और KGF में एडिशनल इंटरचेंज होंगे। यहां मैक्सिमम स्पीड लिमिट 120 KM प्रति घंटा होगी। मौजूदा हाईवे के जरिये होसकोटे से KGF शहर तक यात्रा में लगने वाले 1.5 घंटे के समय की तुलना में का समय घटकर 45 मिनट रह जाने की उम्मीद है।

पहला Greenfield एक्सेस कंट्रोल्ड Expressway BCE दक्षिण भारत का Greenfield एक्सेस-कंट्रोल्ड Expressway (एनई-7) है, जो बेंगलुरु के पास होसकोटे से शुरू होकर चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में समाप्त होता है। 4 लेन के एक्सेस-कंट्रोल्ड Expressway से बेंगलुरु और चेन्नई के बीच सफर का समय घटकर सिर्फ चार घंटे रह जाने की उम्मीद है। इससे होसकोटे पहुंचने में लगभग 1।30 घंटे लगेंगे, जो बेंगलुरु से लगभग 30 KM दूर स्थित है।

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होसकोटे से Expressway के जरिए श्रीपेरंबदूर तक की यात्रा में तीन घंटे से भी कम समय लगेगा। Expressway कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा। 8 लेन का Expressway भविष्य में आठ लेन के Expressway तक विस्तार के प्रावधानों के साथ इस प्रोजेक्ट को NHAI हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बना रहा है। इस Expressway प्रोजेक्ट की घोषणा 2011 में की गई, जबकि इसकी आधारशिला 2022 में रखी गई। पूरे कॉरिडोर के लिए शुरू में अक्टूबर 2024 की समय सीमा तय की गई थी, जिसे जून 2025 तक बढ़ा दिया गया था।

अब BCE के दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने बताया “इसे 120 KM प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इससे बेंगलुरु और चेन्नई के बीच की दूरी लगभग 350 KM से घटकर 260 KM रह जाएगी। यात्रा का समय 2.5 से 3 घंटे के बीच होगा।” बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाले तीन मार्ग हैं। इनमें पहला होसुर और कृष्णगिरि (स्वर्णिम चतुर्भुज) मार्ग है, जो सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली सड़क है।

यह लगभग 380 KM लंबा मार्ग है। दूसरा रास्ता ओल्ड मद्रास रोड का है, जो कोलार और चित्तूर से होकर गुजरती है, जो 340 KM की दूरी तय करती है। बेंगलुरु से चेन्नई का तीसरा मार्ग कोलार, KGF, वी कोटा और वेल्लोर से होकर जाता है। BCE के एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर बनने की उम्मीद है, जिससे माल की आवाजाही में तेजी आएगी और चेन्नई बंदरगाह (पोर्ट) से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। अधिकारी ने कहा, “यह डॉब्सपेट में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ेगा, जो BCE से एनएच 207 या बेंगलुरु सैटेलाइट रिंग रोड के माध्यम से भी एक्‍सेसबल है।

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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