रेवाड़ी (हरियाणा): जिला पुलिस कप्तान (SP) हेमेंद्र कुमार मीणा (IPS) के कुशल मार्गदर्शन में जिला को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए रेवाड़ी पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस निरीक्षक रामपाल के नेतृत्व में गठित नशा मुक्ति टीम ने ग्रामीण इलाकों में ‘डोर-टू-डोर’ अभियान चलाया।Drug-free Rewari
टीम ने रेवाड़ी के गांव जडथल और पचगांव का दौरा कर ग्रामीणों को नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों, साइबर अपराधों से बचाव और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान ग्रामीणों ने “जिंदगी को हां, नशे को ना” (Say Yes to Life, No to Drugs) का संकल्प भी दिलाया गया।

नशा समाज और परिवार का सबसे बड़ा शत्रु: रेवाड़ी पुलिस
गांव जडथल व पचगांव में ग्रामीणों और युवाओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्ति टीम के अधिकारियों ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है।Drug-free Rewari
पुलिस टीम ने युवाओं और विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा, “आप सभी देश का भविष्य हैं। अपना पूरा ध्यान पढ़ाई, खेलकूद और अपने सपनों को पूरा करने में लगाएं और नशे जैसी घातक आदतों से हमेशा दूर रहें।” पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि नशामुक्त जीवन ही मानव जीवन है।

साइबर ठगी होने पर ‘गोल्डन ऑवर’ में डायल करें 1930
नशा मुक्ति के साथ-साथ पुलिस टीम ने ग्रामीणों को इस समय बढ़ रहे साइबर अपराधों (Cyber Crime) के खतरों से भी सचेत किया। पुलिस ने बताया कि आजकल ऑनलाइन ठग फोन कॉल या सोशल मीडिया के जरिए लॉटरी, बैंक अपडेट या अन्य बहानों से आपकी निजी जानकारी जैसे OTP या पासवर्ड हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जागरूकता ही केवल आपका बचाव है।
क्या है बचाव: पुलिस ने साफ किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी बैंक या निजी जानकारी साझा न करें।Drug-free Rewari
गोल्डन ऑवर का महत्व: यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना समय गंवाए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे। शुरुआती समय (गोल्डन ऑवर) में शिकायत दर्ज होने पर ठगों के खातों में पैसा ट्रांसफर होने से पहले ही उसे फ्रीज कराया जा सकता है।

इन गुप्त नंबरों पर दें सूचना
रेवाड़ी पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति नशा बेचता है या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि में शामिल है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए पुलिस ने दो महत्वपूर्ण नंबर जारी किए हैं:
- MANAS हेल्पलाइन नंबर: 1933
- आपातकालीन सेवा: डायल 112
इतना ही नहीं पुलिस ने जनता से अपील कि वे इन नंबरों पर नशा तस्करों की जानकारी दे। पुलिस ने कहा कि इस बाबत जानकारी देने वाले नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
यातायात नियमोंं के प्रति किया जागरूक: इस मौके पर टीम ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया और वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट बांधने और यातायात के संकेतों का कड़ाई से पालन करने की शपथ दिलाई।













