
धारूहेड़ा (Best24News): जय बाबा सैय्यद श्री रामलीला क्लब की ओर से आयोजित रामलीला की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन के साथ हुई, जिसमें कलाकारों और पदाधिकारियों ने आहुति डालकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात रामलीला मंचन के दौरान राजा दशरथ द्वारा पुत्र प्राप्ति के लिए किए गए यज्ञ और पुत्र जन्म के सजीव प्रसंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रमुख कलाकारों ने निभाए सजीव किरदार
रामलीला के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से पौराणिक पात्रों में जान फूंक दी। विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों का विवरण इस प्रकार रहा।
- राजा दशरथ: हेमन्त पनवाल
- माता कौशल्या: सौरव शौर्य
- माता कैकयी: गौरव पनवाल
- माता सुमित्रा: पंकज
- महर्षि विश्वामित्र: सूबे सिंह रंगा
- मंत्री सुमंत: विशाल शर्मा
- शृंगी ऋषि: हर्ष प्रधान
पुत्र प्राप्ति के प्रसंग ने बंधी समां
मंचन के दौरान शृंगी ऋषि द्वारा राजा दशरथ के यहाँ पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न कराने और उसके फलस्वरूप राजा दशरथ को चार पुत्र (श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न) प्राप्त होने के दृश्य को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया।
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