Breaking News: बदलते समय और डिजिटल युग की मांगों को देखते हुए केंद्र सरकार ने करीब 117 साल पुराने कानून को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बडा कदम उठाया है।Breaking News
इसी को लेकर मई 2025 में सरकार ने रजिस्ट्रेशन बिल 2025 का ड्राफ्ट पेश किया है। यह बिल संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और आसान बनाने का प्रस्ताव देता है। जल्द ही इस न्यू रजिस्ट्री बिल को पास किया जाना है। इस बिल को लेकर सुधार व अन्य कोई बदलाव के लिए सरकार ने आमजन से राय मांगी गई है। ताकि लोग अपने सुझाव दे सकें।
जानिए क्यों पडी जरूरत: बता दे कि रजिस्ट्रेशन कानून 1908 में बना था, जब सारी प्रक्रिया कागजों पर होती थी। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। बैंकिंग से लेकर पहचान पत्र तक लगभग हर जरूरी सेवा डिजिटल हो चुकी है। ऐसे में संपत्ति रजिस्ट्रेशन जैसी अहम प्रक्रिया को भी आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। Breaking News
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बता दे कई राज्यों ने ऑनलाइन रजिस्ट्री शुरू कर दी है, जिससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। इसी अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार अब डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सिस्टम पूरे देश में लागू करना चाहती है ताकि घर बैठे कार्य हो सके।
भारत सरकार ने आमजन को नए रजिस्ट्री बिल के होने वाले बदलाव को अपनी राय देने का मौका दिया है। भूमि संसाधन विभाग ने रजिस्ट्रेशन बिल 2025 का ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट पर डाला है। आप https://dolr.gov.in/ पर जाकर ड्राफ्ट पढ़ सकते हैं। वहीं दिए गए ईमेल या ऑनलाइन फॉर्म के जरिए अपना सुझाव भेज सकते हैं।
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