Breaking News: मोदी सरकार ने 29 लेबर कानूनों की जगह 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए है। दावे किए जा रहे है कर्माचारियों को अब बहुत फायदा होगा। New Labour Codesनए लेबर कोड में क्या बदला है क्या फायदा होग या जानिए पूरी डिटेल्स (Gratuity, PF व क्या बढेगा।
लागू किए गये ये Code
- मजदूरी पर कोड (2019)
- इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (2020)
- सोशल सिक्योरिटी पर कोड (2020)
- ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSHWC) कोड (2020)
ग्रैच्युटी (Gratuity): नए लेबर कोड के तहत, निश्चित अवधि (fixed-term) के कर्मचारियों (FTE) को अब सिर्फ 1 साल से ग्रैच्युटी का हक मिलेगा। पहले ग्रैच्युटी पाने के लिए 5 साल की सेवा जरूरी होती थी। यानि ये फायदा हो गया है।Breaking News
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यह छूट केवल fixed-term employees पर लागू है; हमेशा (permanent) कर्मचारियों के लिए अभी भी पुराना नियम यानी 5 साल की सेवा बनी हुई है। Gratuity की गणना का फॉर्मूला वैसा ही है जैसा पहले था: “अंतिम बेसिक सैलरी × (15/26) × सेवा के वर्ष”। इतना ही नहीं नए कोड में टैक्स-फ्री ग्रैच्युटी की सीमा (ceiling) ₹20 लाख रखी गई है।
सामाजिक सुरक्षा (Social Security) नए लेबर कोड्स (जिनमें समाज-सुरक्षा कोड शामिल है) के तहत, फिक्सड-टर्म (fixed-term), गिग/प्लैटफॉर्म वर्कर्स आदि को पहले की तुलना में बेहतर सामाजिक सुरक्षा कवरेज दिया गया है। यह कोड्स 29 पुराने श्रम कानूनों को मिला कर बनाए गए हैं और उनका उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक स्थिरता देना है।Breaking News
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ओवरटाइम और अन्य नियम: नए कोड में ओवरटाइम वेतन दोगुना (double) करने का प्रावधान है। बता दे कि न्यूनतम वेतन (minimum wages) के लिए राष्ट्रव्यापी एक आधार (national floor) तय करने की बात कोड में कही गई है।
सभी क्षेत्रों के कामगारों के लिए समय पर न्यूनतम वेतन के साथ ही ओवर टाइम काम के घंटों के लिए दोगुना भुगतान करना होगा। इन सुधारों में महिलाओं की सुरक्षा समेत नाइट-शिफ्ट में काम की छूट, 40 वर्ष से अधिक उम्र के हर कामगार की सालाना मुफ्त अनिवार्य चिकित्सा जांच के साथ ही अब एक सिंगल रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और रिटर्न सिस्टम का प्रावधान किया गया है।
यह भी जानिए: बता दे इस नियम को सभी कर्मचारियों को यह फायदा नहीं मिलेगा। ये सिर्फ fixed-term/employees on a contract की सेवा अवधि को 1 साल में गिना जाएगा। स्थायी (permanent) कर्मचारियों को अभी भी 5 साल पूरा करना होगा ग्रैच्युटी के लिए।
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PF (Provident Fund) — बता दे कि “PF और Gratuity का पैसा बढ़ेगा” — लेकिन PF (PF-कन्ट्रिब्यूशन) को लेकर नए कोड्स में ऐसी कोई बड़ी घोषणा “1 साल नौकरी पर ज़्यादा PF” के रूप में नहीं मिली है, कम-से- PF नियमों में स्पष्ट वृद्धि पर भरोसेमंद स्रोत फिलहाल कम हैं।
बता दे कि कोड्स तो लागू कर दिए गए हैं, लेकिन यह देखना होगा कि कंपनी और नियोक्ता इन नए नियमों को कैसे अपना रहे हैं, खासकर छोटे और मझोले व्यवसायों में इसका प्रभाव हो सकता है।

