शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Breaking News: हरियाणा में जमीनी घोटाला: तहसीलदार ने डीलरों के साथ मिलकर बेच दी सरकारी जमीन

Written by: सुनील चौहान

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Breaking news: करनाल : करनाल में सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी हाथों में पहुंचाने के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।  चर्चित सरकारी भूमि घोटाले में मॉडल गांव…


Breaking news: करनाल : करनाल में सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी हाथों में पहुंचाने के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।  चर्चित सरकारी भूमि घोटाले में मॉडल गांव अरजाहेड़ी में 12 साल बाद, अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 13 दोषियों को 5 से 7 वर्ष की साधारण कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।

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हर दोषी को चालिस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। तत्कालीन सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि, बीडीपीओ, नायब तहसीलदार, नंबरदार, प्रॉपर्टी डीलर, निजी व्यक्ति और दस्तावेज लेखक भी दोषी हैं। अदालत ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगे और जांच और ट्रायल के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

जुर्माना अदा नहीं करने पर भी अधिक कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने कहा कि राजस्व और दस्तावेजी प्रक्रिया से जुड़े लोगों की मिलीभगत से साजिश रची गई थी। जय सिंह, ईश्वरी देवी, हरीश कुमार, कुलजीत सिंह डाहिया, करमबीर उर्फ करमवीर, राजेंद्र पाल, ईश्वर सिंह पुत्र दीप चंद, करम सिंह, जसपाल, डालेल सिंह, देश राज, ईश्वर सिंह नंबरदार और राज कुमार उर्फ राजू को इस मामले में दोषी ठहराया गया था।

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13 दोषियों को सजा: अदालत ने इसे राज्य को हुए नुकसान का आंशिक भुगतान बताया है। उन्हें तुरंत सजा के वारंट बनाने के निर्देश भी दिए गए थे, साथ ही दोषियों को फैसले की प्रति निशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए थे। पब्लिक प्रोसिक्यूटर अमृतपाल सिंह ने बताया कि पूरे मामले में 16 लोगों में से दो आरोपियों रामप्रसाद और नानकी देवी की मौत हो गई है, जबकि एक आरोपी पृक्षित (PO) फरार है। अदालत ने बाकी 13 दोषियों को सजा सुनाई है।

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, करनाल के मॉडल गांव अरजाहेड़ी में सरकारी जमीन को निजी मालिक बताने की साजिश की गई थी। इसके लिए सरकारी रिकॉर्ड में अवैध बदलाव किए गए, झूठे खरीद-फरोख्त के दस्तावेज बनाए गए और फर्जी आवंटन पत्र बनाए गए।

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परीक्षण ने स्पष्ट किया कि यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी, न कि एक आम गलती। कोर्ट ने कहा कि देश में भूमि घोटाले एक लगातार बढ़ती गंभीर समस्या है। फर्जीवाड़े के जरिए जमीन हड़पना और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक ढांचे पर भी सीधा हमला है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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