शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026

Breaking News: पूरे 33 बार हुए फैल, फिर बने IPS अफसर

Written by: सुनील चौहान

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Breaking News: जीवन में असफलताएं अक्सर मनोबल गिरा देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं कठिनाइयों को सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ते हैं और अपनी पहचान कायम करते हैं। ऐसी ही प्रेरक कहानी है…


एक दो नहीं पूरे 33 बार हुए फैल, फिर बने IPS अफसर
एक दो नहीं पूरे 33 बार हुए फैल, फिर बने IPS अफसर
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Breaking News: जीवन में असफलताएं अक्सर मनोबल गिरा देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं कठिनाइयों को सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ते हैं और अपनी पहचान कायम करते हैं। ऐसी ही प्रेरक कहानी है राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव के आदित्य कुमार की, जिन्होंने 33 बार असफल होने के बावजूद UPSC परीक्षा पास कर IPS अफसर बनने का सपना पूरा किया। साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदी माध्यम में पढ़ाई करने वाले आदित्य ने बचपन से ही यह लक्ष्य तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है। कठिन परिस्थितियों और लगातार मिली असफलताओं के बावजूद उनका विश्वास कभी डगमगाया नहींBreaking News

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बना रिकोर्ड: आदित्य की कहानी इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि लगातार असफल होना हार मान लेने का कारण नहीं होना चाहिए। उनका सफर उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटी-छोटी मुश्किलों में टूट जाते हैं। आदित्य बताते हैं कि लक्ष्य बड़ा हो तो मेहनत भी बड़ी लगानी पड़ती है, और सफलता उन्हीं के कदम चूमती है जो हार नहीं मानते।Breaking News

नहीं मानी हार: 12वीं के बाद आदित्य ने सरकारी नौकरी के लिए विभिन्न परीक्षाएं देनी शुरू कर दीं। वे बैंकिंग, केवीएस और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जैसे मुकाबलों में कुल 30 बार असफल हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की ओर कदम बढ़ाए, लेकिन यहां भी तीन बार हार का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर 33 असफलताओं ने उन्हें परख जरूर लिया, पर तोड़ा नहीं। वर्ष 2013 में उन्होंने गांव छोड़कर दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी शुरू की। संघर्षों भरे दिनों में सीमित साधनों के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन आदित्य ने हर चुनौती का डटकर सामना किया।

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आत्मविश्वास को संयम के साथ जोड़ना सीखा: 2014 में उन्होंने UPSC का पहला प्रयास दिया, जिसमें प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ। 2015 में दूसरा प्रयास अधिक मजबूत तैयारी के साथ किया और इस बार प्रीलिम्स व मेंस दोनों पास हो गए, लेकिन इंटरव्यू में ओवरकॉन्फिडेंस उनकी सबसे बड़ी चुनौती बन गया और वे अंतिम चरण में फेल हो गए। उस समय कई लोग उन्हें छोड़ देने की सलाह देते रहे, लेकिन आदित्य ने यह असफलता भी सीख में बदल दी। उन्होंने खुद की गलतियों को समझकर तैयारी के तरीके में सुधार किया और आत्मविश्वास को संयम के साथ जोड़ना सीखा।Breaking News

 

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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