शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026

हरियाणा की मंडियों में सरसों की आवक शुरू, जानें क्या मिल रहा फिलहाल भाव?

Written by: सुनील चौहान

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हरियाणा की मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। हरियाणा के करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी की बात करें तो यहां अब तक 2870 क्विंटल सरसों की आवक हो…


हरियाणा की मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। हरियाणा के करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी की बात करें तो यहां अब तक 2870 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है जबकि पिछले साल 26 फरवरी तक मात्र 370 क्विंटल सरसों की आवक हुई थी। बताया जा रहा ​है फिलहाल सरसो एमएसपी से कम रेट पर ली जा रही है।

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बता दे इस साल पिछले साल ज्यादा सरसों की आवक हो चुकी है। मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा तय मानकों के हिसाब से सरसों में नमी की मात्रा भी ज्यादा नहीं है परन्तु फिर भी सही भाव नहीं मिल रहा है।

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सरकार द्वारा 6200 रुपए MSP तय किया गया है परंतु किसानों को 5500 से 5600 प्रति क्विंटल का भाव ही मिल रहा है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. खेती पर खर्च लगतार बढ़ता ही जा रहा है परंतु उचित भाव नहीं मिलने से किसानों को दोहरा घाटा हो रहा है।

MSP से कम रेट पर बिक्री: सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की बात करें तो केंद्र सरकार द्वारा यह 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. किसानों की सरसों 5500- 5600 रुपए प्रति क्विंटल ही बिक रही है. किसानों को प्रति क्विंटल 700 से 800 रुपए का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.

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घरौंडा मार्केट कमेटी के अधिकारी सुनील ने बताया कि फिलहाल प्राइवेट एजेंसियां ही सरसों की खरीद कर रही है। सरकारी खरीद 15 मार्च के आसपास शुरू होने की उम्मीद हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि वे सरसों की कटाई में जल्दबाजी न करें।

मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा तय मानकों के हिसाब से सरसों में नमी की मात्रा भी ज्यादा नहीं है परन्तु फिर भी सही भाव नहीं मिल रहा है. सरकार द्वारा 6200 रुपए MSP तय किया गया है परंतु किसानों को 5500 से 5600 प्रति क्विंटल का भाव ही मिल रहा है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. खेती पर खर्च लगतार बढ़ता ही जा रहा है परंतु उचित भाव नहीं मिलने से किसानों को दोहरा घाटा हो रहा है.

 

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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