रेवाड़ी: रेवाड़ी में बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं की गई है। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) की ओर से बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद की मांग को लेकर 28 सितंबर को धरना दिया जाएगा। धरने के बाद जिला उपायुक्त के माध्यम से कृषि मंत्री, हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
लघु सचिवालय के सामने देगें धरना: संगठन के जिला प्रधान रामकुमार निमोठ ने बताया कि सुबह 11 बजे राजीव चौक स्थित लघु सचिवालय के सामने धरना दिया जाएगा। जिला उपायुक्त के माध्यम से कृषि मंत्री, हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर सरकार ने सुनवाई नहीं हो विरोध प्रदर्शन भी होगां
घाटे में फसल बेच रहे किसान: प्रधान रामकुमार निमोठ ने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल सहित कृषि से जुड़ी अन्य वस्तुओं की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। संगठन ने सरकार से बाजरे की एमएसपी पर तत्काल सरकारी खरीद शुरू करने, किसानों के खाते में एमएसपी के अनुसार एकमुश्त भुगतान करने और भावांतर योजना को रद्द करने की मांग की है। साथ ही किसानों की पूरी फसल खरीदने की मांग भी उठाई है।
क्षेत्र में बाजरे की थ्रेसिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। किसान अपनी फसल लेकर अनाज मंडियों में पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में बाजरा कम दामों पर बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ताला बंदी का सरकार पर कोई असर नही: किसान यूनियन चढूंनी ने इसी मांग को लेकर अनाज मंडी के गेट को ताला जडा था। किसानों का कहना है कि उन्हें समर्थन मूल्य की अपेक्षा करीब 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान में मंडियों में व्यापारी करीब 2100 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल तक बाजरा खरीद रहे हैं। कई किसान 2250 रुपये तक के भाव पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं।
इस बार जिले में करीब 1.4 लाख एकड़ में बाजरे की फसल है। किसानों के अनुसार जिले में अब तक करीब 70 प्रतिशत बाजरे की कटाई हो चुकी है, जबकि करीब 50 प्रतिशत क्षेत्र में थ्रेसिंग का काम पूरा हो चुका है। इसमें करीब 90 प्रतिशत आवक राजस्थान क्षेत्र से पहुंचने वाले बाजरे की बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि बाजरे की खेती में लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, जुताई, कटाई और थ्रेसिंग पर खर्च बढ़ने के बावजूद मंडी में अपेक्षित भाव नहीं मिल रहा है।
मंच ने सीएम को भेजा पत्र: बता दे इसी समस्या को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने मंडी में बाजरा की खरीद एमएसपी रेट पर न होने का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा गया है । उन्होंने कहा किमें घोषित एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल से कम पर बाजरा की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को तय मूल्य पर ही खरीद करनी चाहिए। अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए सिविल सोसायटी, कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड तथा विजिलेंस की संयुक्त टीम तैनात करने का सुझाव दिया। मंच की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा गया है।













