शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Haryana Roadways में बड़ा धब्बा! 50 में 40 इंस्पेक्टर पोस्ट खाली, बस टिकट चेकिंग सिर्फ फॉर्मेलिटी बनी

Written by: Best24News

Published:

Haryana Roadways: स्थानीय रोडवेज़ डिपो में 50 में से 40 निरीक्षक पद खाली होने के कारण बस टिकट चेकिंग केवल औपचारिकता बन गई है। यात्री बिना टिकट सफर कर रहे हैं, और…


Haryana Roadways में बड़ा धब्बा! 50 में 40 इंस्पेक्टर पोस्ट खाली, बस टिकट चेकिंग सिर्फ फॉर्मेलिटी बनी
Haryana Roadways में बड़ा धब्बा! 50 में 40 इंस्पेक्टर पोस्ट खाली, बस टिकट चेकिंग सिर्फ फॉर्मेलिटी बनी
Google News Follow us on Google

Haryana Roadways: स्थानीय रोडवेज़ डिपो में 50 में से 40 निरीक्षक पद खाली होने के कारण बस टिकट चेकिंग केवल औपचारिकता बन गई है। यात्री बिना टिकट सफर कर रहे हैं, और इसके कारण रोडवेज़ की आमदनी में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। निरीक्षण न होने के कारण यात्रियों में डर नहीं रह गया है, जिससे सरकार को मासिक राजस्व हानि हो रही है और रोडवेज़ की छवि भी प्रभावित हो रही है।

Advertisement

डिपो में पिछले तीन वर्षों से नए निरीक्षक और उप-निरीक्षक की भर्ती नहीं हुई है, जबकि हर दो से तीन महीने में निरीक्षक और उप-निरीक्षक सेवानिवृत्त हो जाते हैं। वर्तमान में डिपो में केवल चार निरीक्षक और छह उप-निरीक्षक काम कर रहे हैं। इनमें से एक निरीक्षक DI को, एक BI को, एक Katra स्टैंड को और बाकी तीन बस फ्लाइंग टीम, दो GM फ्लाइंग टीम और दो TM फ्लाइंग टीम में तैनात हैं। इस कारण बसों में यात्रियों की पर्याप्त जांच नहीं हो पा रही है।

कर्मचारियों की पदोन्नति पर अटका कार्य और निरीक्षकों की कमी

रोडवेज़ यूनियन के अनुसार, कंडक्टरों की पदोन्नति तीन वर्षों से लंबित है। जबकि विभाग के अन्य कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा रही है, कंडक्टरों के बिना पदोन्नति के नए उप-निरीक्षकों की भर्ती करना संभव नहीं है। उप-निरीक्षक पदोन्नति के माध्यम से निरीक्षक बनते हैं। 2008 और 2012 में भर्ती कंडक्टर अभी भी पदोन्नति के इंतजार में हैं।

Advertisement

ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़: स्कूटी पर कर रहा था नशा सप्लाई, जानिए कैसे चढ़ा हत्थे ?

निरीक्षण टीमों की कमी और राजस्व हानि

डिपो में तीन फ्लाइंग टीमें निरीक्षण के लिए तैनात हैं। दो निरीक्षक GM और TM फ्लाइंग कार्यों में और तीन निरीक्षक बस फ्लाइंग टीम में काम कर रहे हैं। इसके अलावा DI, BI और Katra स्टैंड के लिए एक-एक निरीक्षक तैनात हैं। तीन साल पहले डिपो से मासिक तीन से चार लाख रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन अब यह एक लाख रुपये से भी कम रह गई है। पहले पांच से छह टीमों द्वारा दैनिक आधार पर लगभग सभी रूटों पर निरीक्षण किया जाता था, जबकि अब किसी विशेष रूट की बसों का निरीक्षण केवल दो से तीन महीने में एक बार होता है।

डिपो के जनरल मैनेजर निरंजन कुमार ने बताया कि मुख्यालय को निरीक्षकों की कमी की जानकारी दी जा चुकी है। बावजूद इसके, डिपो बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और हर महीने टिकट रहित यात्रियों से एक से डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में नए निरीक्षक तैनात किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें:राजस्थान से हरियाणा में अफीम लेकर आ रहे तस्कर चढ़े हत्थे ?

Best24News
About the Author Best24News

Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। View all posts by Best24News →

संबंधित खबरें

WhatsApp