धारूहेड़ा: कस्बे में राजस्थान के भिवाड़ी से छोड़े गये फैक्ट्रियों के दूषित पानी ने धारूहेड़ा के लोगों के लिए गले की फांस बना हुआ है। एक बार फिर शुक्रवार रात को अथाह काला पानी धारूहेड़ा में धकेल दिया है। बेस्टेक सोसायटी, एमटूके सोसयटी, सेक्टर छह व हाईवे की सर्विस लाईन के आस पास पूरे इलाके में ये दूषित काला पानी भर गया है। काले पानी से इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बता दे ये कोई बारिश का पानी नहीं बल्कि राजस्थान से छोड़ा गया फैक्ट्रियों का दूषित पानी है। पानी के चलते लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। सड़क पर चल रहे वाहनों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

चेयरमैन अजय जांगडा, पार्षद डीके शर्मा, पार्षद त्रिलोक धारीवाल, आरडब्ल्यए पूर्व प्रधान कृष्ण यादव, धर्मपाल, नरेंद्र ने बताया कि भिवाड़ी और धारुहेड़ा के बीच दूषित पानी की ये समस्या नई नहीं है। ये काले पानी का मुद्दा 5 साल से भी पुराना है। हालांकि ये विवाद एनजीटी के पास भी पहुंच चुका है। इस मामले में एनजीटी की तरफ से राजस्थान सरकार को फटकार लगाने के साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के आदेश दिए गए थे। लेकिन सब कुछ केवल कागजों हो रहा है। भिवाडी प्रशासन मौका पाकर काले पानी की धारूहेड़ा में छोड देते है। राजस्थान से आ रहे दूषित पानी को लेकर एक माह दिन चेयरमैन अजय जांगडा व एमटूके सोसायटी प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने उपायुक्त को ज्ञापन भी दिया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

एनएचएआई व रेवाड़ी प्रशासन के निर्देश पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने राजस्थान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हुआ है लेकिन मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी राजस्थान से भारी संख्या में आज धारुहेड़ा में दूषित पानी छोडा जा रहा है। लोगों ने बजरंग नगर के निकट बने एक प्राइवेट स्कूल की दीवार तोड दी जाती है जिससे अलवर बाइपास पर जमा हो रहा काला पानी बजरंग नगर से होते हुए एमटूके सोसायटी के पास से धारूहेड़ा पहुंच रहा है।














