गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

Haryana: हरियाणा के इस जिले के किसान ने AI तकनीक से तैयार ट्रैक्टर से किया कमाल , जानिए कैसे करता है काम

Written by: सुनील चौहान

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Haryana:  करनाल के जमालपुर गांव का युवा किसान बीर विर्क जिसने AI यानी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकी से तैयार कराए 3 हाईटेक ट्रैक्टर जो बिना चालक के खेतों में चलते हुए नजर आते…


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Haryana:  करनाल के जमालपुर गांव का युवा किसान बीर विर्क जिसने AI यानी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकी से तैयार कराए 3 हाईटेक ट्रैक्टर जो बिना चालक के खेतों में चलते हुए नजर आते हैं। आप भी ट्रैक्टर को बिना किसान के खेतों में टिलर मशीन चलाते देखकर दांतो तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो जाएंगे। अमेरिका से लौटा युवा किसान अपने परिवार के साथ खेती बाड़ी करके अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बना हुआ है।Haryana

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युवा किसान बीर विर्क ने बताया कि ये तकनीक विदेशों में थी भारत में हमने 2-3 साल लगाकर सारे लाइसेंस और परमिट डील करके इसे भारत में मंगवाकर यहां चला रहे हैं। सैटेलाइट सिग्नल ले रखा है। बस दो-तीन साल की टेस्टिंग थी, अब ये काफी कामयाब है और किसानों को भी इसे इस्तेमाल करना चाहिए बहुत ही फायदेमंद है।

आखिर कैसे करता है काम ?

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युवा किसान ने बताया कि ट्रैक्टर किस तरह से खेतों में काम करता है। एक मोटर जीएनएस सिग्नल आईपैड उसको कमान देता है। इस पूजिशन पर चलना है जीरो, जीरो सेंटीमीटर एकोरेसी मैंटेन करता है जिसमें बताता है कि ट्रैक्टर को मुड़ने के लिए कितनी जगह चाहिए और क्या खेतो की बाउंड्री की सेफ्टी है। ट्रैक्टर किसी दूसरे के खेतों में भी नही जाता है। ये सब इसके फायदे हैं और टर्निंग सिग्नल देता है समय की भी काफी बचत होती है डीजल की खपत की कम होती है साधरण किसान भी इसे चला सकता है। क्योंकि किसान को इसका ट्रेनिंग ऑपरेट नहीं करना सिर्फ ट्रैक्टर की रेस को देखना है ट्रैक्टर दबे नहीं हो ट्रैक्टर चलता रहे।Haryana

युवा किसान ने बताया कि स्थिति को तैयार करने के लिए लैपटॉप की तरह एक पूरा सामान आता है। 1 घंटे के अंदर यह पूरा इंस्टॉल हो जाता है। आपकी इसकी सारी स्पॉट व्हाट्सएप और वीडियो कॉल पर रहती है। स्वीडन की कंपनी है वहां के टेक्निकल लोग हैं, हमारे यहां पर भी ऐसे लोग हैं जहां से हमेशा इंस्टॉल करते हैं।Haryana

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किसान में बताया कि उनका परिवार शुरू से ही खेती-बाड़ी करता है खुद अमेरिका में था 2021 में 10 साल मैंने वहां लगाए थे, मैं भारत आता जाता था अपने परिवार के बीच मैंने पढ़ाई भी वहां पर की अमेरिका में देखा वहां पर खेती में काफी तकनीक इस्तेमाल की जाती है और खेती करना काफी आसान रहता है। एक आदमी हजारों एकड़ की खेती कर लेता है। उसी को देखते हुए जब मैं खेती की शुरुआत यहां पर की पहले भी मैं ट्रैक्टर चलाता था लेकिन जब मैं खेती शुरू की तो इस तकनीक के जरिए ट्रैक्टर चला कर खेती की शुरुआत की थी।

किसान ने बताया कि उनके पास 15 के करीब ट्रैक्टर है 200 एकड़ में वह अपने गांव में खेती करते हैं और 150 एकड़ फार्म उनके पास उत्तरांचल में है जहां पर वह खेती करते हैं ट्रैक्टर के जरिए किस आसानी से खेती कर सकता है समय की भी बचत होती है और डीजल लगता किसानों से भी वो किस ने अपील की की इस तकनीक का इस्तेमाल करें।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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