रेवाड़ी (Best24News): न्याय आपके द्वार’ अभियान के संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर हरियाणा और पंजाब में भी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की एक-एक खंडपीठ (Bench) स्थापित करने की मांग उठाई है।’ अभियान ने लद्दाख क्षेत्र के लिए उच्च न्यायालय (High Court) की खंडपीठ स्थापित करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने इसे आम नागरिक को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
चंडीगढ़ से दूरी बनी न्याय में बाधा
वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चौहान ने ज्ञापन की जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में स्थित होने के कारण दोनों राज्यों के सुदूर इलाकों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नूंह (मेवात) के फिरोजपुर झिरका से चंडीगढ़ की दूरी लगभग 385 किलोमीटर है, जहां से आम फरियादी को न्याय के लिए भारी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। फाजिल्का जिले की चंडीगढ़ से दूरी करीब 320 किलोमीटर है।
‘पंजाब पुनर्गठन एक्ट 1966’ के प्रावधानों का दिया हवाला
अभियान के संयोजक ने बताया कि ‘पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966’ की धारा 36 में स्पष्ट प्रावधान है कि जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर उच्च न्यायालय की खंडपीठें स्थापित की जा सकती हैं। ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान पिछले 26 वर्षों से इस मांग को लेकर निरंतर प्रयासरत और पैरवी कर रहा है।
प्रधानमंत्री से शीघ्र स्वीकृति की अपील
ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की गई है कि लद्दाख की तर्ज पर हरियाणा के दक्षिणी क्षेत्र तथा पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में किसी उपयुक्त स्थान पर उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मंजूरी जल्द से जल्द प्रदान की जाए, ताकि आमजन को उनके घर के पास ही सुलभ और त्वरित न्याय मिल सके।














