रेवाड़ी में मंगलवार को हुई करीब छह घंटे की लगातार बारिश ने एक ओर लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर शहर की जल निकासी व्यवस्था की असल तस्वीर भी सामने ला दी। सुबह से शुरू हुई बारिश ने दोपहर तक शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया। मुख्य सड़कें पानी से भर गईं, कई कॉलोनियों में आवागमन मुश्किल हो गया और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होती नजर आईं। पहली ही लंबी बारिश में शहर की व्यवस्थाएं जिस तरह लड़खड़ाती दिखीं, उसने स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए।
सड़कें बनीं तालाब, कई इलाकों में लोगों को घुटनों तक पानी से गुजरना पड़ा
बारिश के बाद गुलाबी बाग, रेलवे अंडरपास, सर्कुलर रोड, नाई वाली चौक, पुराना कोर्ट रोड, पुरानी सब्जी मंडी, नई अनाज मंडी, कुतुबपुर, भाड़ावास मार्ग, मॉडल टाउन, ब्रास मार्केट और बस अड्डा सहित अनेक क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। लोगों को घुटनों तक भरे पानी से होकर निकलना पड़ा, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। रेलवे अंडरपास में जलभराव के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा।
बस स्टैंड परिसर में जलभराव से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर के बस स्टैंड परिसर में देखने को मिला। मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास पानी भर जाने से यात्रियों को अंदर जाने में भारी दिक्कत हुई। कई लोगों ने पानी से बचने के लिए दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जलभराव के कारण बसों की आवाजाही और यात्रियों की आवाजाही भी प्रभावित रही, जिससे काफी देर तक अव्यवस्था का माहौल बना रहा।
पहली ही बारिश में प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल
बरसात से पहले प्रशासन की ओर से नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भरने से ये दावे कमजोर पड़ते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता। लोगों ने समय रहते प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग दोहराई है।
नगर परिषद और प्रशासन ने शुरू किए पानी निकासी के प्रयास
बारिश के दौरान नगर परिषद और प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों में सक्रिय रहीं। कर्मचारियों ने कई स्थानों पर पानी निकालने और रास्तों को सामान्य बनाने का प्रयास किया, लेकिन लगातार बारिश और जल निकासी की धीमी व्यवस्था के कारण कई क्षेत्रों में घंटों तक पानी जमा रहा। इससे लोगों को रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बावल का मुख्य बाजार भी जलमग्न
रेवाड़ी के साथ-साथ बावल में भी बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की परीक्षा ले ली। मुख्य बाजार में कई फीट तक पानी भर गया, जिससे अनेक दुकानों में पानी घुस गया और सामान खराब होने की शिकायतें सामने आईं। सीवर लाइनें जाम होने से पानी की निकासी प्रभावित रही और बाजार की सड़कें लंबे समय तक जलमग्न रहीं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले नालों और सीवरों की प्रभावी सफाई कर दी जाती तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता था।














