रेवाड़ी (Best24News): रेवाड़ी के एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिले के युवाओं को सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले संदिग्ध संपर्कों के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें पाकिस्तान-आधारित खुफिया नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय नागरिकों से संपर्क साधने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया है।
एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि डिजिटल दुनिया में किसी अनजान व्यक्ति की पहचान केवल उसकी प्रोफाइल देखकर तय नहीं की जा सकती। इसलिए सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती, संदिग्ध नौकरी के प्रस्ताव, आर्थिक लालच या निजी बातचीत के दौरान विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
इन 5 तरीकों से युवाओं को बनाया जा सकता है निशाना:
- फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से दोस्ती: फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म पर फर्जी नाम और फोटो से प्रोफाइल बनाकर युवाओं को टारगेट किया जा सकता है। बातचीत बढ़ाकर निजी फोटो, वीडियो या मोबाइल नंबर मांगने का प्रयास किया जाता है।
- भावनात्मक जुड़ाव और हनीट्रैप: अनजान व्यक्ति द्वारा लगातार बातचीत और भावनात्मक संबंध बनाकर विश्वास जीता जाता है। इसके बाद संवेदनशील जानकारी मांगने या ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा सकता है।
- नौकरी और ऑनलाइन कमाई का लालच: ‘वर्क फ्रॉम होम’, डेटा एंट्री या ऑनलाइन टास्क के जरिए ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर दस्तावेज, लोकेशन और निजी जानकारी मांगी जा सकती है।
- विदेशी नंबरों से संदिग्ध संपर्क: +92 या किसी अन्य विदेशी/अनजान नंबर से आने वाली संदिग्ध कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप लिंक से दूर रहें। लॉटरी या आर्थिक लाभ के लालच में आकर किसी लिंक पर क्लिक न करें।
- धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग: सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने या देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने वाले तत्वों से दूर रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
संवेदनशील जानकारी साझा करना पड़ सकता है भारी
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि युवा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ सैन्य या सुरक्षा प्रतिष्ठानों की फोटो, वीडियो, लोकेशन या सरकारी संस्थानों से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। हाल ही में एनआईए (NIA) ने भी पाकिस्तान-आधारित ऑपरेटिव्स से जुड़े एक जासूसी नेटवर्क की जांच के दौरान संवेदनशील दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आकर गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल होने पर गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
रेवाड़ी पुलिस की युवाओं के लिए मुख्य हिदायतें:
- अनजान प्रोफाइल की फ्रेंड रिक्वेस्ट बिना जांच स्वीकार न करें।
- +92 वाले या अन्य संदिग्ध विदेशी नंबरों से सावधान रहें।
- लॉटरी, इनाम या वर्क फ्रॉम होम के लालच में आकर पैसे या दस्तावेज साझा न करें।
- अपनी लोकेशन, निजी फोटो या वीडियो किसी अनजान व्यक्ति को न भेजें।
- डरें नहीं: यदि कोई व्यक्ति ब्लैकमेल करने की कोशिश करे, तो घबराएं नहीं। चैट, नंबर और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखकर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि देश की सुरक्षा में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी जागरूकता और सावधानी के साथ करें।













