रेवाड़ी: राव तुलाराम के बलिदान दिवस के अवसर पर 23 सितंबर 2026 को रेवाड़ी के नाई वाली स्थित अमर शहीद राजा राव तुलाराम चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम और विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम सुबह 8:15 बजे से शुरू होगा, जबकि रक्तदान शिविर सुबह 9:15 बजे से आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रवादी सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र आशावादी मूसेपुरिया और राजकुमार चेयरमैन कतोपुरी ने कार्यकम की तैयारियों जारी है। लोगो को आमंत्रित किया जा रहा है। नगर परिषद रेवाड़ी की चेयरपर्सन विनीता पीपल ने नागरिकों से रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।’

इस मौके पर गौ-सेवक शीशराम यादव, धर्माचार्य दलीप शास्त्री, दयाराम आर्य, हेडमास्टर जितेंद्र, अमित पूर्व पार्षद, डीके यादव, पंडित दुलीचंद शर्मा, ताजिंदर पप्पू, रामकृत यादव, रोशन लाल आर्य, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
राव तुलाराम का इतिहास: वीर राव तुलाराम 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक और अमर शहीद थे, जिन्होंने हरियाणा के रेवाड़ी और अहिरवाल क्षेत्र से अंग्रेजों के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष का नेतृत्व किया।उनका जन्म 9 दिसंबर 1825 को रेवाड़ी के रामपुरा में हुआ था। पिता राव पूर्ण सिंह और माता ज्ञान कौर। मात्र 14 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद उन्होंने 1839 में रामपुरा रियासत की गद्दी संभाली।
मई 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर रेवाड़ी पर कब्जा किया और लगभग 5,000 सैनिकों की मजबूत सेना तैयार की। उन्होंने अपनी सेना के लिए हथियार बनाने का कारखाना (कारखाना/वर्कशॉप) भी स्थापित किया। दिल्ली में अंग्रेजों से मुकाबला कर रहे सम्राट बहादुर शाह जफर को धन, रसद और हजारों बोरी गेहूं भेजकर आर्थिक व सैन्य सहायता पहुंचाई थी।

16 नवंबर 1857 को नारनौल के पास नसीबपुर के मैदान में अंग्रेजों के साथ एक भीषण ऐतिहासिक युद्ध हुआ। इस युद्ध में हरियाणा, मेवात और शेखावाटी के लगभग 5,000 शूरवीरों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। नसीबपुर के युद्ध के बाद वे अंग्रेजों के हाथ नहीं आए और देश की आजादी के लिए समर्थन जुटाने वास्ते अफगानिस्तान, ईरान और रूस जैसे देशों की यात्रा की।
23 सितंबर 1863 को काबुल (अफगानिस्तान) में संक्रमण के कारण उनका निधन हो गया। वे आजीवन मातृभूमि के लिए संघर्ष करते रहे। हरियाणा सरकार हर साल 23 सितंबर को उनके बलिदान दिवस पर राजकीय अवकाश के रूप में उनकी स्मृति को नमन करती है।













