केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि नमो भारत ट्रेन आरआरटीएस कॉरिडोर धारूहेड़ा व बावल तक सीमित करने के कारण अनेक सामाजिक संगठनों व राजस्थान के लोगों ने इस योजना को बढाने की मांग की थी। इसी को लेकर राव इंद्रजीत ने बहरोड तक एक्सटेंशन की फाइल फाइनेंस मंजूरी के लिए भेजी गई है। बावल से आगे बहरोड चार नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
आठ हजार करोड़ बढ़ेगी लागत
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बावल से बहरोड़ तक नमो भारत को एक्सटेंड करने पर इसकी लागत में करीब आठ हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।बावल से बहरोड़ तक हरियाणा के करीब 11 व राजस्थान के करीब 25 किलोमीटर क्षेत्र में नमो भारत का विस्तार किया जाएगा। यह सफर 24 मिनट में पूरा हो जाएगा। बावल से बहरोड के बीच में चार स्टेशन बनेंगे। राव ने बावल से बहरोड़ तक नमो भारत को एक्सटेंड करने पर इसकी लागत में करीब आठ हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त विभाग को लिखा पत्र
पत्र में राव ने लिखा कि केंद्रीय शहरी विकास एवं हाउसिंग मंत्रालय की ओर से सराय कालेखां से गुरुग्राम-बावल होते हुए नमो भारत आरआरटीएस कारिडोर को वषों पूर्व प्रथम चरण के निर्माण में नीमराणा-बहरोड तक मंजूर किया गया था, लेकिन इसे बाद में कभी धारूहेड़ा तक तो कभी बावल तक सीमित करके छोड़ दिया गया।
मंजूरी के लिए भेजी फाईल
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि धारूहेड़ा व बावल तक सीमित करने के कारण अनेक सामाजिक संगठनों व राजस्थान के लोगों ने इस योजना को पूर्व की तरह बहरोड़ तक करने की मांग की थी। राव इंद्रजीत ने कहा कि बहरोड तक एक्सटेंशन की फाइल फाइनेंस मंजूरी के लिए इस माह जुलाई में भेजी गई है।
पीआईबी ने बावल से आगे चार स्टेशनों के साथ 36 किलोमीटर का अतिरिक्त खंड जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बहरोड तक विस्तार वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रहा है और इस पर अतिरिक्त 8,000 करोड़ रुपये की लागत आने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास के साथ् बढेगी कनेक्टिविटी
बता दें कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में भी दिल्ली के सराय काले खां से बावल तक बन रहे आरआरटीएस कॉरिडोर को बहरोड तक बढ़ाने पर विचार किया गया। मंत्री ने कहा कि शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड औद्योगिक क्षेत्र को नमो भारत नेटवर्क से जोड़ने से हजारों कर्मचारियों और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
साथ ही हरियाणा के नांगल चौधरी लॉजिस्टिक हब, आईएमटी बावल और राजस्थान के खुशखेड़ा-बहरोड-नीमराणा इन्वेस्टमेंट रीजन के भविष्य के विस्तार को देखते हुए कॉरिडोर को बहरोड तक बहुत फायदे मंद होगा














