Haryana में मौसम आए दिन बदल रहा है। दिन के समय तेज धूप निकलने से उमस भी बढ़ी है तो वर्षा होने से मौसम सुहावना भी हुआ। इसके चलते तापमान में उतार-चढ़ाव हुआ है। Haryana के 13 जिलों में बुधवार शाम के बाद से वीरवार शाम तक वर्षा हुई।
शुक्रवार को भी प्रदेश में वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग ने भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है। मानसून के दौरान प्रदेश में अभी तक 28 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार वर्षा हो रही है।
कहीं तेज धूप तो कहीं छिटपुट बारिश
हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। पिछले कुछ दिनों से कहीं तेज धूप तो कहीं छिटपुट बारिश का सिलसिला देखने को मिल रहा है। इसी बदलते मौसम के बीच शुक्रवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। इससे लगातार पड़ रही उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आज इन जिलों में बदल सकता है मौसम का मिजाज
प्रदेश के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कैथल, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी और चरखी दादरी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में तेज हवा चलने की भी संभावना बनी हुई है।

IMD की तरफ से आरेंज और यलो अलर्ट भी जारी
इससे मौसम सुहावना हो रहा है। प्रदेश के 13 जिलों में रूक-रूक कर हुई वर्षा से मौसम ठंडा हो गया। इससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव हुआ है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में वर्षा का अलर्ट है। 27 जुलाई से प्रदेश में फिर से तेज वर्षा हो सकती है। इसे लेकर आइएमडी की तरफ से आरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
27 जुलाई के बाद सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम के मौजूदा संकेत बताते हैं कि 27 जुलाई से हरियाणा में मानसून अधिक प्रभावी रूप में दिखाई दे सकता है। यदि मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज होने की संभावना है। इसी को देखते हुए प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों के लिए चेतावनी भी जारी की जा सकती है।













