Rewari News: रेवाड़ी में आयोजित जिला परिषद की बैठक के बाद एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे कार्यक्रम की चर्चा बदल दी। विकास कार्यों को लेकर हुई बैठक समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के जन्मदिन पर केक कटिंग का आयोजन रखा गया था, लेकिन समारोह शुरू होने से पहले ही दो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
कुछ ही पलों में माहौल इतना गरमा गया कि वहां मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों और सदस्यों को बीच-बचाव करना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
बैठक में विकास योजनाओं और ग्रांट पर हुई लंबी चर्चा
जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिला परिषद की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब 6.30 करोड़ रुपये की ग्रांट के वितरण सहित कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कई सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए, जबकि कुछ ने योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट आवंटन को लेकर सवाल भी किए। बैठक समाप्त होने के बाद सभी जनप्रतिनिधियों को जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।
समारोह शुरू होने से पहले बढ़ा तनाव
केक कटिंग की तैयारी के दौरान सभी लोग मंच के पास एकत्रित हो रहे थे। इसी बीच आगे खड़े होने और जगह बनाने को लेकर दो प्रतिनिधियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। माहौल बिगड़ता देख मौजूद लोगों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और विवाद को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होने पर कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।
जिला पार्षद जीवन हितेर्षी ने रखा अपना पक्ष
कोसली वार्ड नंबर-3 से जिला पार्षद जीवन हितेर्षी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि बैठक के दौरान उन्होंने विकास कार्यों और ग्रांट वितरण से जुड़े कुछ सवाल उठाए थे।
उनके अनुसार इसी कारण उनके खिलाफ माहौल बनाया गया। हितेर्षी का आरोप है कि केक कटिंग के समय एक प्रतिनिधि उनके सामने आकर खड़ा हो गया। जब उन्होंने उसे थोड़ा किनारे होने के लिए कहा तो विवाद शुरू हो गया। उनका यह भी दावा है कि बाद में उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और घटना के वीडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
बैठक के दौरान भी गरमाई थी बहस
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान भी ग्रांट वितरण और विकास कार्यों को लेकर कई मुद्दों पर तीखी चर्चा हुई थी। बहस के दौरान कुछ सदस्य नाराज होकर बैठक से बाहर निकल गए थे, जबकि अन्य सदस्य कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। बाद में जन्मदिन समारोह के लिए अधिकांश सदस्य फिर से एकत्र हुए, लेकिन उसी दौरान शुरू हुई कहासुनी ने पूरे आयोजन का माहौल बदल दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चाएं
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि अब तक इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक हलकों में भी बना चर्चा का विषय
जिला परिषद की बैठक के बाद हुए इस विवाद ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे सामान्य बहस बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे बैठक के दौरान उठाए गए सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन या जिला परिषद इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है और क्या किसी स्तर पर जांच या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है।

















